मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ED), मुंबई ने कथित फर्जी CSR डोनेशन रैकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने PMLA, 2002 के तहत महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात और दिल्ली-NCR में कुल 8 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई धर्मेंद्र कुमार चंद्रदेव सिंह और अन्य से जुड़े परिसरों पर की गई।
ED की कार्रवाई के दौरान करीब 21 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई है। इसके अलावा जांच एजेंसी को मामले से संबंधित कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी मिले हैं। बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर उसकी जांच की जा रही है।
CSR फंड को कथित तौर पर कैश में बदलने का आरोप
ED के अनुसार, प्रारंभिक जांच में एक कथित नेटवर्क का पता चला है, जिसका इस्तेमाल CSR डोनेशन के नाम पर वित्तीय लेनदेन करने के लिए किया जा रहा था। एजेंसी का आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए अकाउंटेड फंड को कथित तौर पर अनअकाउंटेड कैश में बदलने का काम किया जाता था।
जांच एजेंसी के मुताबिक, CSR के नाम पर आने वाले पैसों को विभिन्न माध्यमों से इस कथित नेटवर्क में रूट किया जाता था। इसके बाद पैसों को अलग-अलग लेनदेन के जरिए निकालने और उसे कथित तौर पर बेहिसाब नकदी में बदलने की व्यवस्था की गई थी।
करीब ₹200 करोड़ के CSR फंड की जांच
ED की जांच में अब तक करीब 200 करोड़ रुपये के CSR फंड को इस कथित नेटवर्क के जरिए रूट किए जाने की बात सामने आई है। एजेंसी अब इन लेनदेन की पूरी कड़ी की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि CSR फंड किन संस्थाओं और व्यक्तियों के माध्यम से आगे भेजे गए।
जांच में शामिल बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन, कंपनियों और संबंधित संस्थाओं के रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।
दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त
तलाशी अभियान के दौरान ED अधिकारियों ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद किए हैं। इन डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों से कथित फंड ट्रांसफर, संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं के बीच वित्तीय लेनदेन तथा नेटवर्क की कार्यप्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।
एजेंसी अब बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
चार राज्यों और दिल्ली-NCR में एक साथ कार्रवाई
ED की यह कार्रवाई महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात और दिल्ली-NCR में की गई। अलग-अलग स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाए जाने से जांच का दायरा काफी बड़ा होने का संकेत मिलता है।
फिलहाल ED की जांच जारी है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित CSR नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग या संस्थाएं शामिल थीं और करीब 200 करोड़ रुपये के बताए जा रहे फंड का वास्तविक इस्तेमाल किस तरह किया गया।
मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन के आधार पर की जाएगी।

