नई दिल्ली: बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल रिकॉर्ड के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए बैंकर बुक्स साक्ष्य कानून, 2026 को 1 अक्टूबर 2026 से लागू किए जाने की घोषणा की गई है। यह कानून 1891 के पुराने बैंकर बुक्स साक्ष्य अधिनियम की जगह लेगा। नए कानून के तहत बैंकिंग से जुड़े भौतिक, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल अभिलेखों को कानूनी कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में मान्यता देने का प्रावधान किया गया है।
नए कानून का उद्देश्य बैंकिंग रिकॉर्ड को अदालतों में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को आधुनिक बनाना और डिजिटल बैंकिंग के अनुरूप साक्ष्य संबंधी नियमों को व्यवस्थित करना है। इसके तहत बैंकिंग से जुड़े दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियों को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकेगा। इससे न्यायालयों में बैंकिंग रिकॉर्ड पेश करने की प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद मिलेगी।
डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को भी मान्यता
बैंकर बुक्स साक्ष्य कानून, 2026 में बैंकिंग रिकॉर्ड के बदलते स्वरूप को ध्यान में रखा गया है। अब भौतिक दस्तावेजों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल रिकॉर्ड को भी साक्ष्य के रूप में स्वीकार करने का प्रावधान है। हालांकि, ऐसे रिकॉर्ड की प्रामाणिकता, सटीकता और डेटा की अखंडता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों का भी प्रावधान किया गया है।
प्रमाणीकरण की प्रक्रिया में बदलाव
नए कानून के तहत बैंकिंग रिकॉर्ड का प्रमाणीकरण मैनुअल, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल हस्ताक्षरों के माध्यम से किया जा सकेगा। इससे बैंकिंग दस्तावेजों की प्रमाणिकता स्थापित करने के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल संभव होगा। प्रमाणित प्रतियों के जरिए बैंकिंग अभिलेख प्रस्तुत करने की व्यवस्था भी जारी रहेगी।
अदालत में बैंक अधिकारियों को बुलाने के नियम
नए कानून में बैंक अधिकारियों को न्यायालय में बुलाने के संबंध में भी प्रावधान किए गए हैं। विशेष परिस्थितियों में ही न्यायालय के लिखित आदेश के माध्यम से संबंधित बैंक अधिकारी को बुलाया जा सकेगा। इसका उद्देश्य अनावश्यक रूप से बैंक अधिकारियों को न्यायालय में उपस्थित होने से बचाना और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
अन्य वित्तीय संस्थाओं तक विस्तार का प्रावधान
इस कानून के प्रावधानों को आवश्यकता के अनुसार अन्य वित्तीय क्षेत्र की संस्थाओं तक भी विस्तारित किया जा सकेगा। इससे बैंकिंग के साथ-साथ अन्य वित्तीय संस्थानों के अभिलेखों से संबंधित साक्ष्य प्रक्रिया को भी आधुनिक बनाने का रास्ता खुलता है।
बैंकर बुक्स साक्ष्य कानून, 2026 को डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते दायरे के अनुरूप कानूनी व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इसके माध्यम से बैंकिंग रिकॉर्ड की प्रमाणिकता, न्यायिक कार्यवाही में पारदर्शिता और साक्ष्य प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने का लक्ष्य रखा गया है।


