सरायकेला: आदित्यपुर रेलवे स्टेशन से सटे गांधीनगर में हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। सरायकेला SDO के निर्देश पर गम्हरिया अंचल कार्यालय के सर्किल इंस्पेक्टर बलवंत सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ टीम मौके पर पहुंची।
प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। आशियाना उजड़ने की आशंका को लेकर कई महिलाएं जेसीबी के सामने बैठ गईं और कार्रवाई का विरोध किया। भारी विरोध के बीच प्रशासन ने अतिक्रमण कर बनाई गई बाउंड्री वॉल को तोड़ दिया।
CI बलवंत सिंह के अनुसार, संबंधित जमीन झारखंड सरकार की है और हाईकोर्ट के आदेश के तहत अतिक्रमण हटाया जा रहा है। उनके मुताबिक, मौके पर करीब 22-23 मकान बने हैं और सभी संबंधित लोगों को पहले नोटिस दिया गया था। प्रशासन का कहना है कि स्थानीय लोग जमीन खरीदी हुई होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के दौरान वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।
वहीं, स्थानीय लोगों ने कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व वार्ड पार्षद पांडे मुखी का आरोप है कि खाता संख्या 48 और प्लॉट संख्या 1500 पर वर्षों से गरीब परिवार रह रहे हैं। उन्होंने स्थानीय व्यक्ति रंजन दास पर प्रति घर एक लाख रुपये की कथित मांग करने और रकम नहीं देने पर घर तुड़वाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय निवासी सोनू कुमार सिंह ने बताया कि वह करीब तीन वर्षों से यहां रह रहे हैं। उनका कहना है कि रेलवे की कार्रवाई के बाद विस्थापित होकर वे यहां बसे थे और अब दोबारा उजाड़े जाने का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन के मुताबिक, कार्रवाई के बाद अगली तिथि तय कर शेष अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बनी हुई है।

