धुर्वा में सेवा से हटाए गए कर्मियों का महाजुटान, नौकरी वापसी के लिए कानूनी लड़ाई का फैसला
रांची। राज्य सरकार की सेवा से हटाए गए कर्मियों ने अपनी नौकरी वापस पाने की मांग को लेकर गुरुवार को धुर्वा गोलचक्कर मैदान में बड़ा महाजुटान किया। राज्य के अलग-अलग जिलों से विभिन्न विभागों और सेवाओं से जुड़े कर्मी यहां पहुंचे। सुबह 10 बजे से ही मैदान में कर्मियों का पहुंचना शुरू हो गया था।
महाजुटान के दौरान आयोजित सभा में कर्मियों ने नौकरी वापसी की लड़ाई को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। बैठक में सर्वसम्मति से न्यायालय का रुख करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए कर्मियों से वकालतनामा भरवाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई, ताकि सामूहिक रूप से कानूनी लड़ाई लड़ी जा सके।
एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प
सभा में शामिल कर्मियों ने कहा कि नौकरी हासिल करने के लिए उन्होंने पहले भी संघर्ष किया है और अब सेवा से हटाए जाने के खिलाफ भी आंदोलन जारी रखा जाएगा। सभी कर्मियों से एकजुट रहने और आंदोलन को कमजोर नहीं पड़ने देने की अपील की गई।
कर्मियों ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य नौकरी की बहाली है और इसके लिए वे हर संभव लोकतांत्रिक एवं कानूनी रास्ता अपनाएंगे।
आंदोलन के संचालन के लिए बनी कमेटी
महाजुटान में आंदोलन को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए एक संयुक्त कमेटी का गठन किया गया। इसमें अलग-अलग सेवाओं के साथ-साथ जिलावार कर्मियों को भी जिम्मेदारियां दी गई हैं।
आंदोलन के दौरान भोजन, टेंट और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी अलग-अलग लोगों को सौंपी गई। आंदोलन के खर्च और व्यवस्थाओं के लिए संसाधन जुटाने पर भी सहमति बनी।
कर्मियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी नौकरी बहाल नहीं होती, तब तक वे संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने नियमित रूप से धरना-प्रदर्शन और अन्य आंदोलनात्मक गतिविधियां जारी रखने का संकल्प लिया।


