रांची। झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच CBI से कराई जानी चाहिए और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
रघुवर दास ने कहा कि JSSC-CGL में चयनित सभी अभ्यर्थियों को एक नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, मेरिट के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों और कथित रूप से अनियमित तरीके से नौकरी पाने वालों के बीच अंतर करने के लिए व्यापक जांच जरूरी है।
दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से मांग की कि यदि जांच में किसी अभ्यर्थी की गड़बड़ी या लेन-देन के जरिए नौकरी हासिल करने की बात सामने आती है, तो ऐसे लोगों को चिन्हित कर नौकरी से हटाया जाए। वहीं, योग्य और मेरिट के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
छात्रों के आंदोलन को समर्थन
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के आंदोलन के बीच रघुवर दास ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया है। उन्होंने बताया कि छात्रों ने CBI जांच की अनुशंसा के लिए राज्य सरकार को 60 दिनों का समय दिया है। छात्रों के आंदोलन को देखते हुए उन्होंने अपना प्रस्तावित एकदिवसीय सांकेतिक अनशन भी स्थगित कर दिया है।


