बेरमो: चंद्रपुरा थाना क्षेत्र के मकोली स्थित सेन्ट्रल कॉलोनी में 14 वर्षीय नाबालिग की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। बुधवार को न्याय की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला और पुलिस-प्रशासन से मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गंभीरता से जांच करने की मांग की।
कैंडल मार्च सेन्ट्रल कॉलोनी के अंबेडकर चौक से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए बिनोद बिहारी महतो चौक और मकोली मोड़ तक पहुंचा। इस दौरान लोगों ने नाबालिग को न्याय दिलाने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जांच के दौरान घटना से जुड़े सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए। नामजद आरोपियों के अलावा यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उससे भी पूछताछ की जाए। लोगों ने पुलिस से जांच के किसी भी बिंदु को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की।
परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जांच अधिकारी से संपर्क करने के बावजूद उन्हें मामले की प्रगति और पुलिस कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है। परिजनों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए।
परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर धरना-प्रदर्शन के साथ आमरण अनशन भी किया जाएगा।
क्या है मामला?
बताया गया कि 10 अगस्त की देर रात नाबालिग घर से लापता हो गई थी। इसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान उसे सेन्ट्रल कॉलोनी के बाउरी मोहल्ले के पास पाया गया। इसके बाद उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया, जिसके बाद से परिजन और स्थानीय लोग लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।


