रांची: पानी की टंकी गिरने से दो लोगों की मौत के बाद राजधानी रांची में हादसे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। JMM ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए बड़ी लापरवाही का मामला बताया है। वहीं BJP ने इसे सिस्टम द्वारा की गई हत्या करार देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और इंजीनियरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
JMM की ओर से कहा गया है कि हादसे की जांच में अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। पार्टी का कहना है कि आने वाले समय में अकाउंटेबिलिटी फिक्स की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित होगी। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की बात भी कही गई है।
JMM ने इस मुद्दे पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए गुजरात मॉडल को लेकर भी सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए और हादसे के बाद दोषियों को बचाया नहीं जाना चाहिए।
इधर, BJP ने सरकार और सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का आरोप है कि यह महज हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही के कारण हुई मौत है। BJP ने सवाल उठाया कि अगर पानी की टंकी पहले से जर्जर थी, तो वहां काम क्यों कराया जा रहा था? निर्माण और सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों एवं इंजीनियरों ने संरचना की स्थिति की जांच क्यों नहीं की?
BJP का कहना है कि सिर्फ मुआवजा देना पर्याप्त नहीं है। पार्टी ने मांग की है कि जिस विभाग के अधिकारी और इंजीनियर की जिम्मेदारी बनती है, उनकी भूमिका की जांच हो और लापरवाही साबित होने पर उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाए।
हादसे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पानी की टंकी की स्थिति को लेकर पहले से कोई चेतावनी या रिपोर्ट थी या नहीं। अगर जांच में लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों पर केवल विभागीय कार्रवाई होगी या आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा—इस पर सबकी नजर है।

