देवघर:- प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का जायजा लेने को लेकर देवघर नगर निगम की आयुक्त सुलोचना मीणा की सक्रियता चर्चा में है। बताया जा रहा है कि वह देर रात तक शहर की सड़कों पर स्कूटी से घूमकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करती नजर आती हैं।
खासकर श्रावणी मेला जैसे बड़े आयोजन के दौरान शहर में श्रद्धालुओं की भीड़, साफ-सफाई, यातायात और अन्य नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों की सक्रियता काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में नगर निगम की व्यवस्थाओं का खुद मौके पर पहुंचकर जायजा लेना प्रशासनिक निगरानी का हिस्सा माना जा रहा है।
कम उम्र में UPSC पास कर बनाई पहचान
सुलोचना मीणा ने महज 22 वर्ष की उम्र में UPSC परीक्षा पास कर प्रशासनिक सेवा में कदम रखा। देवघर से पहले वह पलामू में SDO के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं, जहां उनके काम की चर्चा रही है।
देवघर जैसे धार्मिक और पर्यटन महत्व वाले शहर में नगर निगम की जिम्मेदारी संभालते हुए उनके सामने शहर की साफ-सफाई, सड़क व्यवस्था, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, यातायात और श्रावणी मेला जैसी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने की चुनौती है।
सादगी भरे अंदाज की भी चर्चा
महंगी सरकारी गाड़ियों या औपचारिक काफिले के बजाय स्कूटी से शहर का जायजा लेने की तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी उनकी सक्रियता और सादगी की चर्चा हो रही है। हालांकि किसी अधिकारी के काम का आकलन केवल तस्वीरों से नहीं, बल्कि प्रशासनिक कार्यों और उनके परिणामों से किया जाना चाहिए।
देवघर जैसे शहर को ऐसे ही सक्रिय और जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों की जरूरत है, ताकि आम लोगों और श्रद्धालुओं को बेहतर नागरिक सुविधाएं मिल सकें।


