रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 25 अगस्त 2026 को झारखंड मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पुलिस व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और आधारभूत संरचना से जुड़े कई बड़े फैसले लिए।
100 नए स्कूल बनेंगे मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय
कैबिनेट ने आदर्श विद्यालय योजना के तहत पहले से संचालित 80 विद्यालयों के अतिरिक्त 100 और विद्यालयों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय (CM School of Excellence) के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी। इसके लिए 721.43 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी MBBS और PG सीटें
कैबिनेट ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर को मजबूत और अपग्रेड करने के लिए करीब 393.91 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी। इसके तहत MBBS सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ नए स्नातकोत्तर विषय शुरू करने और PG सीटों में वृद्धि की जाएगी।
वहीं शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज, धनबाद के लिए करीब 495.03 करोड़ रुपये की लागत वाले प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अलावा जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट की राशि से SNMMCH के विस्तार और पुनर्विकास के लिए करीब 275.18 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति भी दी गई।
सरकारी स्कूलों की छात्राओं को हर माह सैनिटरी नैपकिन
राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाली छात्राओं को हर महीने अधिकतम 10 ऑक्सो-बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन मुफ्त उपलब्ध कराने की योजना को मंजूरी दी गई। इसके लिए 124.38 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
606 थानों में लगेंगे 9006 CCTV कैमरे
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में राज्य के 606 पुलिस थानों में कुल 9006 CCTV कैमरे लगाने के लिए 90 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसका उद्देश्य पुलिस थानों में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना है।
5 नए प्रखंडों में बनेंगे बालिका आवासीय विद्यालय
राज्य के पांच नवसृजित प्रखंडों में झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय स्थापित करने और भवन निर्माण के लिए करीब 49.99 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
स्वास्थ्य सेवा में बड़ा फैसला
कैबिनेट ने झारखंड राज्य के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों पर संविदा आधारित नियुक्ति के लिए नई नियमावली-2026 के गठन को मंजूरी दी। वहीं झारखंड स्वास्थ्य सेवा के गैर-शैक्षणिक चिकित्सक और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 67 वर्ष से घटाकर 65 वर्ष करने का निर्णय लिया गया।
रोजगार और ग्रामीण विकास से जुड़े फैसले
झारखंड में विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी योजना को मंजूरी दी गई। इसके अलावा वित्त विभाग के प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट को मजबूत करने के लिए 76 नए संविदा/बाह्यस्रोत आधारित पदों पर मानव बल लेने की स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट ने झारखंड छात्र अनुसंधान और नवाचार नीति-2026 तथा झारखंड ग्रासरूट्स इनोवेशन इंटर्नशिप योजना में संशोधन को भी मंजूरी दी।
सड़कों और पुलों के लिए करोड़ों की मंजूरी
कैबिनेट ने विभिन्न जिलों में सड़क निर्माण, चौड़ीकरण और मजबूतीकरण से जुड़ी कई परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी। इनमें मनोहरपुर क्षेत्र की सड़क के लिए करीब 114.01 करोड़ रुपये, रामगढ़ में बरलंगा-गोला-मुरी पथ के लिए करीब 56.85 करोड़ रुपये, चतरा में हजारीबाग-कटकमसांडी-चतरा पथ के लिए करीब 25.53 करोड़ रुपये और गिरिडीह की सड़क परियोजना के लिए करीब 30.46 करोड़ रुपये शामिल हैं।
इसके साथ ही झारखंड ग्रामीण पुल अनुरक्षण नीति-2025 को भी मंजूरी दी गई।
तोपचांची झील के सौंदर्यीकरण को मंजूरी
धनबाद की तोपचांची झील और आसपास के क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के लिए PPP मॉडल पर करीब 184.29 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है।
भर्ती, सेवा और न्यायालय से जुड़े कई प्रस्ताव मंजूर
कैबिनेट ने विभिन्न न्यायालयों के आदेशों के अनुपालन में कई कर्मचारियों और अधिकारियों के सेवा लाभ, नियमितीकरण और वित्तीय लाभ से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी। इसके अलावा झारखंड अधिवक्ता लिपिक कल्याण निधि (संशोधन) विधेयक-2026 और झारखंड न्यायालय शुल्क विधेयक-2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई।
वहीं झारखंड में Court Fees Act, 1870 को निरस्त किए जाने की स्वीकृति दी गई।
आपदा प्रबंधन में बदलाव
केंद्र सरकार द्वारा वज्रपात और ग्रीष्म लहर को प्राकृतिक आपदा की सूची में शामिल किए जाने के बाद इन्हें झारखंड की विशिष्ट स्थानीय आपदाओं की सूची से हटाने की मंजूरी दी गई। संबंधित विभागीय संकल्पों में भौगोलिक क्षेत्र से जुड़े प्रावधानों में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई।
इसके अलावा जल जीवन मिशन 2.0, राज्य जलवायु कार्ययोजना, निजी विश्वविद्यालयों, गुरूजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना और अन्य विभागों से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी मंत्रिपरिषद ने अपनी मुहर लगाई।


