रांची: छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और कोचिंग संस्थानों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए रांची नगर निगम ने जांच अभियान तेज कर दिया है। शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में भवन निर्माण और सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में बुधवार को सील किए गए कोचिंग संस्थानों के प्रबंधकों और अन्य कोचिंग संचालकों ने नगर आयुक्त सुशांत गौरव से मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान कोचिंग संस्थानों के संचालकों ने निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। इस पर नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य कोचिंग संस्थानों की शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
नियमों का पालन करने के बाद ही हटेगी सील
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि नेशनल बिल्डिंग कोड, झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 और झारखंड भवन उपविधि में निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन करना अनिवार्य है। इन नियमों का अनुपालन सुनिश्चित होने के बाद ही नियमानुसार कोचिंग संस्थानों की सील हटाने की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।
शपथ पत्र के आधार पर होगी अनसीलिंग की प्रक्रिया
नगर आयुक्त ने सभी कोचिंग संस्थानों के संचालकों से अपील की कि वे सीलिंग की कार्रवाई को केवल दंडात्मक कदम के रूप में न देखें, बल्कि इसे अपने संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था और आधारभूत संरचना में सुधार के अवसर के रूप में लें। उन्होंने संबंधित संस्थानों को शपथ पत्र के माध्यम से रांची नगर निगम को नियमों के अनुपालन की जानकारी देने का निर्देश दिया। इसके आधार पर नियमानुसार अनसीलिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।
नगर निगम की इस पहल का उद्देश्य शहर के सभी कोचिंग संस्थानों में भवन सुरक्षा और निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना है, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित माहौल में पढ़ाई का अवसर मिल सके।


