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लोहरदगा में चार महीने से वेतन नहीं मिलने पर जलापूर्ति कर्मियों का घेराव, सोमवार से पानी सप्लाई बंद करने की चेतावनी

सबहेडिंग: नगर परिषद से करीब 80 लाख रुपये बकाया होने का संवेदक का दावा, जलापूर्ति ठप होने पर शहर में गहरा सकता है पेयजल संकट

लोहरदगा: शहरी जलापूर्ति योजना के तहत कार्यरत कर्मियों को पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिलने के विरोध में शनिवार को कर्मियों ने संवेदक कुमार संदीप के कार्यालय का घेराव किया। कर्मियों ने बकाया वेतन का जल्द भुगतान करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे जलापूर्ति योजना का संचालन ठप कर देंगे। ऐसा होने पर शहर में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।

चार महीने से वेतन नहीं मिलने पर बढ़ी नाराजगी

प्रदर्शन कर रहे कर्मियों ने बताया कि वे लगातार शहरी जलापूर्ति योजना के संचालन से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन पिछले चार महीने से उन्हें वेतन नहीं मिला है। इसके कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

कर्मियों के अनुसार, वेतन नहीं मिलने से घर-परिवार चलाने, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयां हो रही हैं। लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे कर्मचारियों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी के विरोध में उन्होंने संवेदक के कार्यालय पहुंचकर घेराव किया और बकाया वेतन का भुगतान जल्द कराने की मांग उठाई।

नगर परिषद पर करीब 80 लाख रुपये बकाया होने का दावा

वहीं, संवेदक कुमार संदीप ने बताया कि नगर परिषद की ओर से भुगतान नहीं होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। उनके अनुसार, नगर परिषद से करीब 80 लाख रुपये का भुगतान बकाया है।

संवेदक ने कहा कि राशि नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हुई है और फिलहाल कर्मियों के वेतन का भुगतान करना मुश्किल हो रहा है। इस तरह एक ओर कर्मचारी चार महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण परेशान हैं, तो दूसरी ओर संवेदक नगर परिषद से बकाया राशि नहीं मिलने को भुगतान में देरी की वजह बता रहे हैं।

सोमवार से जलापूर्ति बंद होने की चेतावनी

कर्मियों ने स्पष्ट किया है कि यदि सोमवार तक बकाया वेतन के भुगतान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हुई, तो वे शहरी जलापूर्ति योजना का संचालन बंद कर देंगे। इससे लोहरदगा शहर के उन लोगों की परेशानी बढ़ सकती है, जो नियमित पेयजल आपूर्ति पर निर्भर हैं।

यदि जलापूर्ति बाधित होती है, तो आम नागरिकों को पीने के पानी और घरेलू जरूरतों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है। ऐसे में संबंधित विभाग और नगर परिषद के सामने कर्मचारियों के वेतन भुगतान की समस्या का समाधान करने के साथ-साथ जलापूर्ति व्यवस्था सुचारु बनाए रखने की चुनौती होगी।

भुगतान विवाद के समाधान की जरूरत

इस पूरे मामले में कर्मचारियों का बकाया वेतन और नगर परिषद से संवेदक को भुगतान नहीं होने का दावा प्रमुख मुद्दा है। अब यह देखना होगा कि संबंधित अधिकारी और नगर परिषद इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और सोमवार से पहले कोई समाधान निकल पाता है या नहीं।

घेराव के दौरान राजेश महतो, कुंदन उरांव, रामचंद्र, तौहीद आलम, शंकर उरांव, बिरजू उरांव, महादेव उरांव, मुन्ना भगत, देवगन मुंडा, एडविन एक्का, संतोष, सतीश, रमेश और सिमरन खातून सहित अन्य जलापूर्ति कर्मी मौजूद थे।

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