HomeJharkhandJPSC-JSSC नियुक्ति मामले में हाईकोर्ट सख्त, सरकार को 48 घंटे में जवाब...

JPSC-JSSC नियुक्ति मामले में हाईकोर्ट सख्त, सरकार को 48 घंटे में जवाब दाखिल करने का निर्देश

रांची:– झारखंड में JPSC और JSSC से जुड़ी नियुक्तियों के विवाद पर मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। अदालत ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए लंबा समय देने से इनकार करते हुए सिर्फ 48 घंटे की मोहलत दी है। साथ ही नियुक्तियां रद्द करने के सरकार के आदेश पर लगी रोक को फिलहाल बरकरार रखा गया है।

मामले की सुनवाई जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में हुई। सरकार की ओर से अदालत में सीआईडी जांच से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की गई। कोर्ट ने रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद उसे दोबारा सील कर रिकॉर्ड पर रख लिया। रिपोर्ट की प्रति याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं को देने से भी इनकार किया गया।

सरकार ने मांगा था चार सप्ताह का समय

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि मामले में आपराधिक जांच अभी जारी है। ऐसे में विस्तृत जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए सरकार को कम से कम चार सप्ताह का समय दिया जाए। हालांकि, हाईकोर्ट ने सरकार की इस मांग को स्वीकार नहीं किया।

अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार को 48 घंटे के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मामला बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा है और इसकी सुनवाई में अनावश्यक देरी नहीं हो सकती।

2500 से ज्यादा अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा मामला

JPSC की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा के अलावा JSSC-CGL, CDPO और FSO समेत कई नियुक्तियों से जुड़े विवाद पर अदालत में सुनवाई चल रही है। रिपोर्ट के अनुसार यह मामला 2500 से अधिक अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा है।

हाईकोर्ट ने जांच की गति को लेकर भी चिंता जताई है। अदालत का कहना है कि शुरुआती दौर में जांच तेजी से आगे बढ़ी, लेकिन बाद में इसकी रफ्तार धीमी होती दिखाई दी। कोर्ट ने जांच एजेंसी को मामले में प्रभावी और लगातार कार्रवाई करने की जरूरत बताई है।

18 सितंबर को फिर होगी सुनवाई

JSSC-CGL मामले में परीक्षा और नियुक्ति रद्द करने के सरकार के आदेश पर लगी रोक फिलहाल जारी है। मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है। ऐसे में अब सभी की नजर सरकार द्वारा 48 घंटे में दाखिल किए जाने वाले जवाब और अगली सुनवाई पर टिकी है।

इस मामले में हाईकोर्ट के अगले आदेश से हजारों अभ्यर्थियों की नियुक्ति और भविष्य को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments