रांची:– MMDR संशोधन विधेयक को लेकर झारखंड में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विधेयक को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि इसके लागू होने से झारखंड को करीब 14 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है।
वित्त मंत्री के मुताबिक, खनिज संपदा से जुड़े राजस्व में कमी का सीधा असर राज्य की आर्थिक स्थिति और विकास योजनाओं पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे खनिज बहुल राज्य के हितों को ध्यान में रखकर इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाना जरूरी है।
मंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले को केवल राजस्व के नजरिए से नहीं देख रही है, बल्कि इसका असर ग्रामीण आबादी और उनके हितों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ग्रामीणों के अधिकार और हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी।
MMDR विधेयक को लेकर केंद्र और झारखंड सरकार के बीच मतभेद अब खुलकर सामने आ रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से विधेयक के प्रावधानों और उसके संभावित आर्थिक प्रभावों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।


