गुमला:- जिले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों की अनदेखी कर नदियों से कथित तौर पर अवैध बालू उठाव का मामला सामने आया है। आरोप है कि दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे तक बालू लदे ट्रैक्टरों का परिचालन जारी है और शहर में एक ट्रैक्टर बालू करीब 3,000 रुपये तक में बेचे जाने की चर्चा है।
बताया जा रहा है कि जिले के वन्यजीव आश्रयणी क्षेत्र में आने वाली कुछ नदियों से बालू निकासी पर रोक के बावजूद कथित रूप से तस्करों और बिचौलियों द्वारा लगातार बालू का उठाव किया जा रहा है। इससे जहां सरकार को राजस्व का नुकसान होने की बात कही जा रही है, वहीं नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण पर भी गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
नदी के प्राकृतिक स्वरूप पर खतरा
लगातार अवैध बालू उठाव से नदियों की गहराई और बहाव क्षेत्र में बदलाव का खतरा बढ़ रहा है। नदी किनारे बने पुल-पुलिया की सुरक्षा को लेकर भी स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। वहीं, बिना नंबर प्लेट या अस्पष्ट नंबर वाले ट्रैक्टरों से बालू ढोए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
पुलिस के सामने से ट्रैक्टर गुजरने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर के विभिन्न रास्तों से दिन-रात बालू लदे ट्रैक्टरों का आवागमन होता है। कुछ लोगों ने यहां तक दावा किया है कि पुलिस पिकेट और पुलिसकर्मियों के सामने से भी बालू की ढुलाई होती है। ऐसे आरोपों के बाद अवैध बालू कारोबार पर प्रशासन की निगरानी और कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, अवैध बालू खनन और परिवहन पर तत्काल रोक तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अब सवाल यह है कि NGT के निर्देशों के बावजूद यदि अवैध बालू उठाव जारी है, तो इसके पीछे कौन लोग हैं और जिम्मेदार विभाग इस पर कब तक ठोस कार्रवाई करेगा?


