Wednesday, January 28, 2026
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सरला बिरला पब्लिक स्कूल का वार्षिकोत्सव ‘‘श्रद्धा: विरासत की स्वर्णिम गाथा‘‘ का भव्य आयोजन

सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची ने अपने वार्षिक समारोह ‘श्रद्धा-2026’ का आयोजन अत्यंत उत्साह, सांस्कृतिक वैभव एवं गरिमा के साथ किया। ‘विरासत की स्वर्णिम गाथा – सत्य की विजय, धर्म का उदय’ विषय पर आधारित इस भव्य कार्यक्रम ने भारतीय संस्कृति, गहरे नैतिक मूल्यों तथा उत्कृष्टता की सतत खोज के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथियों के आत्मीय स्वागत के साथ हुआ, जिसके पश्चात प्रतीकात्मक मैत्री बंधन की रस्म संपन्न की गई। दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया, जिससे ज्ञान, समृद्धि एवं सद्बुद्धि के लिए ईश्वरीय आशीर्वाद की कामना की गई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. सरोजनी लकड़ा, आईपीएस, कमांडेंट, झारखंड आर्म्ड पुलिस-02 की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम को विशेष अतिथियों – डॉ. प्रो. गोपाल पाठक, महानिदेशक, सरला बिरला विश्वविद्यालय एवं डॉ. प्रो. जगनाथन चोकलिंगम, कुलपति, सरला बिरला विश्वविद्यालय की उपस्थिति ने और भी गौरवपूर्ण बना दिया। विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने समारोह की शैक्षणिक गरिमा को और बढ़ाया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला का शुभारंभ मधुर संगीत प्रस्तुति ‘स्वरांजलि’ – एक संगीतमय श्रद्धांजलि से हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत भव्य मंचीय प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सशक्त नाट्य रूपांतरण, भावपूर्ण नृत्य, सजीव झांकियों और समन्वित संगीत के माध्यम से विद्यार्थियों ने रामायण एवं महाभारत के आदर्शों, आचार्य चाणक्य के नीति सिद्धांतों, मौर्य साम्राज्य की भव्यता, सम्राट अशोक के आध्यात्मिक परिवर्तन तथा भगवान बुद्ध के शांति और करुणा के संदेश को सजीव रूप में प्रस्तुत किया, जो शौर्य से मोक्ष की यात्रा का प्रतीक था।
प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की एकता में विविधता तथा विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के सौहार्दपूर्ण सहअस्तित्व को सुंदरता से दर्शाया गया। “ऑपरेशन सिंदूर” का सशक्त मंचन राष्ट्र की विपरीत परिस्थितियों में भी अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प को दर्शाता रहा। समापन प्रस्तुति में आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत की परिकल्पना को उकेरते हुए एक सशक्त, स्वावलंबी एवं प्रगतिशील राष्ट्र का चित्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें यह शाश्वत सत्य प्रतिध्वनित हुआ कि अंततः सदैव अच्छाई की ही विजय होती है। दर्शकों ने प्रस्तुतियों की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
मुख्य अतिथि डॉ. सरोजनी लाकड़ा, आईपीएस ने विद्यार्थियों के अनुशासन, आत्मविश्वास और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। उन्होंने विद्यालय द्वारा प्रदान किए जा रहे प्रगतिशील एवं मूल्य-आधारित शिक्षण वातावरण की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रहते हुए ईमानदारी और साहस के साथ उत्कृष्टता की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया।
अन्य विशिष्ट अतिथियों डॉ. प्रो. गोपाल पाठक एवं डॉ. प्रो. जेगनाथन चोकलिंगम ने भी विद्यार्थियों की सराहनीय प्रस्तुतियों, नवीन विषयवस्तु तथा सांस्कृतिक समृद्धि की प्रशंसा की। उन्होंने परंपरा और आधुनिकता के संतुलित समन्वय के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु विद्यालय के प्रयासों की सराहना की।
विद्यालय की प्राचार्या, श्रीमती मनीषा शर्मा ने कहा कि ‘श्रद्धा-2026’ भारत की सभ्यतागत यात्रा को प्राचीन ग्रंथों और शाश्वत ज्ञान से लेकर 2047 तक आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के स्वप्न तक अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है, जिसमें जीवन के सभी क्षेत्रों में महिलाओं की नेतृत्वकारी भूमिका पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने विद्यालय की वार्षिक प्रतिवेदन भी प्रस्तुत की, जिसमें शैक्षणिक, खेलकूद, सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में विद्यालय की उल्लेखनीय उपलब्धियों को रेखांकित किया गया।
उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा धर्म, शांति, एकता, साहस एवं सांस्कृतिक समरसता के मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से मंच पर प्रस्तुत करने की सराहना की तथा शिक्षकों के समर्पण और मार्गदर्शन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। अपने संबोधन के समापन में उन्होंने पुनः दोहराया कि सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची भारतीय संस्कृति में निहित मूल्यों के साथ आत्मविश्वासी, जिम्मेदार एवं संस्कारवान नागरिकों के निर्माण हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें अतिथियों, प्रबंधन, अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ, जिसने संपूर्ण सभागार को गर्व और राष्ट्रीय एकता की भावना से ओतप्रोत कर दिया।

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