बोकारो: झारखंड के बोकारो में ड्यूटी के दौरान लकवा का अटैक आने के बाद इलाज करा रही 32 वर्षीय महिला होमगार्ड प्रतिमा कुमारी की मौत हो गई। वह 2018 बैच की होमगार्ड जवान थीं और कमलापुर कस्तूरबा विद्यालय में कार्यरत थीं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतका के तीन छोटे बच्चे हैं। पति ने सरकार और जिला प्रशासन से मुआवजा तथा अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, 9 जुलाई को ड्यूटी के दौरान प्रतिमा कुमारी को अचानक लकवा का अटैक आया, जिसके बाद वह गिर गईं। आनन-फानन में उन्हें चास स्थित कृष्णा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों ने लकवा का अटैक आने की पुष्टि की। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची ले जाया गया।
परिजनों के मुताबिक, करीब 10 दिनों तक इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली और वह घर लौट आईं। हालांकि, उनकी तबीयत में दोबारा गिरावट आई और उन्हें ब्रेन स्ट्रोक हुआ। इसके बाद उन्हें बोकारो जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया।
रिम्स में करीब दो महीने तक उनका इलाज चला, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
प्रतिमा कुमारी के पति हरि चरण महतो जरीडीह के तिलैया निवासी हैं। उन्होंने बताया कि परिवार में तीन छोटे बच्चे हैं, जिनके भरण-पोषण की जिम्मेदारी अब उनके ऊपर है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से आर्थिक मुआवजा देने के साथ-साथ अनुकंपा के आधार पर नौकरी उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि बच्चों की पढ़ाई और परिवार का खर्च चलाया जा सके।
वहीं, प्रतिमा के साथ काम करने वाली होमगार्ड जवान आशा कुमारी ने भी पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार और प्रशासन से उचित मुआवजा तथा आर्थिक सहायता देने की मांग की है।


