बोकारो: बोकारो स्टील प्लांट में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापितों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। नियोजन की मांग पर विस्थापितों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। आंदोलनकारियों के समर्थन में बोकारो की कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह ने धरना स्थल से कैंडल मार्च निकाला। मार्च में शामिल लोग बोकारो स्टील के प्रशासनिक भवन के समक्ष पहुंचे और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विस्थापितों के लिए नियोजन की मांग उठाई।
नियोजन पर ठोस पहल की मांग
कैंडल मार्च के दौरान विस्थापितों ने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी भी समय है कि प्रबंधन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करे और नियोजन देने की दिशा में ठोस पहल करे। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया, तो आने वाले समय में बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर संकट उत्पन्न हो सकता है। विस्थापितों ने कहा कि ऐसी स्थिति पैदा होने पर इसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
विधायक श्वेता सिंह ने भी उठाई विस्थापितों की आवाज
कैंडल मार्च में शामिल कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि प्रबंधन आंदोलन से घबराया हुआ है। उनके अनुसार, यही वजह है कि प्लांट के विकास को लेकर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपनी बात रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि वह भी बोकारो स्टील प्लांट के विकास के पक्ष में हैं, लेकिन विकास के साथ विस्थापितों की समस्याओं का समाधान भी जरूरी है।
विधायक ने कहा कि विस्थापितों की मुख्य मांग नियोजन है। उनका आरोप है कि पिछले 60 वर्षों से विस्थापितों को केवल आश्वासन देकर ठगा गया है। अब समय आ गया है कि उनकी मांग पर ठोस निर्णय लिया जाए और नियोजन की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं।
तीसरे दिन भी जारी भूख हड़ताल
नियोजन की मांग को लेकर जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के तीसरे दिन भी आंदोलनकारियों ने अपना विरोध जारी रखा। कैंडल मार्च के जरिए विस्थापितों ने एक बार फिर प्रबंधन तक अपनी मांग पहुंचाने की कोशिश की। अब देखना होगा कि विस्थापितों की मांगों पर बोकारो स्टील प्रबंधन की ओर से क्या पहल की जाती है।

