रांची:- 14वें झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) फर्जीवाड़ा मामले में तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यागते को कोर्ट से झटका लगा है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। एल. ख्यागते ने 12 अगस्त को जमानत के लिए अदालत में याचिका दाखिल की थी।
इस मामले में सीआईडी ने 10 अगस्त को एल. ख्यागते को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले सीआईडी की टीम उनसे लगातार तीन दिनों तक पूछताछ कर चुकी थी। इससे पहले 21 जुलाई को रांची पुलिस और सीआईडी ने मामले में कार्रवाई शुरू करते हुए JPSC कार्यालय में छापेमारी की थी।
14वें JPSC फर्जीवाड़ा मामले में अब तक तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यागते समेत दो दर्जन से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले की जांच अभी जारी है।
जांच के दौरान आरोपियों से पूछताछ में फर्जीवाड़े से जुड़े कई अहम खुलासे होने की बात सामने आई है। सीआईडी यह पता लगाने में जुटी है कि JPSC परीक्षा और चयन प्रक्रिया में किस स्तर पर गड़बड़ी हुई, इस पूरे मामले में कितनी राशि का लेनदेन हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
सीआईडी की जांच में सामने आ रहे तथ्यों और आरोपियों से हुई पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास जारी है। आने वाले दिनों में जांच के दौरान इस फर्जीवाड़े से जुड़े और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।

