नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की जिंदगी का सफर बेहद दिलचस्प रहा है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टाटा स्टील जैसी प्रतिष्ठित कंपनी से की। इसके बाद उन्होंने भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में नौकरी की और आगे चलकर सामाजिक आंदोलन से जुड़ते हुए राजनीति में कदम रखा।
इंजीनियरिंग के बाद शुरू हुआ करियर
अरविंद केजरीवाल ने आईआईटी खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने टाटा स्टील में नौकरी की। हालांकि, कॉरपोरेट करियर में ज्यादा समय बिताने के बजाय उनका रुझान आगे चलकर प्रशासनिक सेवा और सामाजिक बदलाव की ओर बढ़ा।
इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की और भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में अधिकारी बने। सरकारी सेवा के दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर काम किया।
नौकरी छोड़ी, सामाजिक आंदोलन से जुड़े
सरकारी सेवा के दौरान अरविंद केजरीवाल ने सूचना के अधिकार और प्रशासन में पारदर्शिता को लेकर सक्रिय भूमिका निभाई। बाद में उन्होंने सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया और सामाजिक आंदोलनों से जुड़ गए।
2011 के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान उन्हें देशभर में व्यापक पहचान मिली। अन्ना हजारे के नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद केजरीवाल ने राजनीतिक विकल्प खड़ा करने की दिशा में कदम बढ़ाया।
आम आदमी पार्टी का गठन और राजनीति में एंट्री
2012 में अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी (AAP) का गठन किया। इसके बाद 2013 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया और केजरीवाल पहली बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने।
इसके बाद दिल्ली की राजनीति में उनका प्रभाव लगातार बढ़ता गया। 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी को बड़ी जीत मिली और केजरीवाल लंबे समय तक दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे।
इंजीनियरिंग से शुरू हुआ करियर, टाटा स्टील की नौकरी, फिर IRS की सेवा और उसके बाद सामाजिक आंदोलन से राजनीति तक का सफर यह बताता है कि अरविंद केजरीवाल की जिंदगी ने कई महत्वपूर्ण मोड़ देखे हैं।


