रांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) में छात्र आदित्य की मौत के बाद छात्रों का विरोध लगातार जारी है। हॉस्टल के बाहर पिछले तीन दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्रों ने संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की मांग की है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने संस्थान की बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है।
चिकित्सा सुविधा और एम्बुलेंस व्यवस्था पर सवाल
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि संस्थान में चिकित्सा सुविधाओं की कमी, एम्बुलेंस की अव्यवस्था, बिजली कटौती और लिफ्ट खराब रहने जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। छात्रों का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध होना बेहद जरूरी है, लेकिन संस्थान की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लिफ्ट बंद होने और एम्बुलेंस में देरी का आरोप
छात्रों ने दावा किया कि आदित्य से जुड़ी घटना के समय हॉस्टल में बिजली नहीं थी और लिफ्ट काम नहीं कर रही थी। ऐसे में उसे पांचवीं मंजिल से सीढ़ियों के रास्ते नीचे लाना पड़ा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने एम्बुलेंस पहुंचने में करीब 20 मिनट की देरी होने का भी आरोप लगाया है।
छात्रों का कहना है कि इस तरह की परिस्थितियों में आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता और संस्थान की तैयारियों की जांच होनी चाहिए। हालांकि, बिजली, लिफ्ट और एम्बुलेंस में देरी से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संस्थान का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
परीक्षा के दबाव और प्रशासनिक लापरवाही का मुद्दा
प्रदर्शनकारी छात्रों ने परीक्षा के दबाव और प्रशासन की कथित लापरवाही को भी मुद्दा बनाया है। उनका कहना है कि छात्र-छात्राओं के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल के साथ-साथ मानसिक सहयोग, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित हॉस्टल व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
फिलहाल छात्र निदेशक के इस्तीफे और संस्थान की व्यवस्था में सुधार की मांग पर अड़े हैं। आदित्य की मौत से जुड़े पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और छात्रों द्वारा उठाए गए सवालों पर संस्थान प्रबंधन का जवाब इस मामले में महत्वपूर्ण होगा।

