हजारीबाग, झारखंड: हजारीबाग के मेरू स्थित अमनारी पंचायत के अमनारी गांव में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक विशालकाय अजगर ने करीब 30 किलो की बकरी को अपना शिकार बना लिया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना पर रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों के शोरगुल के कारण अजगर पास के जंगल में जाकर छिप गया। इसके बाद टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित बाहर निकाला।
जंगल की घनी झाड़ियों में चला रेस्क्यू ऑपरेशन
ग्रामीणों से सूचना मिलने के करीब आधे घंटे बाद रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंची। हालांकि, तब तक अजगर जंगल की ओर जा चुका था। जंगल में छह फीट से भी ऊंची घनी झाड़ियां होने के कारण उसे तलाशना काफी मुश्किल हो रहा था।
रेस्क्यू टीम के सदस्य गोपाल और हर्ष यादव ने अजगर की तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद अजगर पास के एक नाले में दिखाई दिया। उसके बड़े आकार और आसपास की परिस्थितियों को देखते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकालना टीम के लिए चुनौतीपूर्ण था।
सावधानी से निकाला गया विशालकाय अजगर
रेस्क्यू टीम ने सावधानी बरतते हुए अजगर को पूंछ की ओर से पकड़ा और नाले से बाहर निकाला। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से उसे सड़क तक लाया गया। रेस्क्यू के दौरान अजगर घायल अवस्था में मिला और उसके शरीर पर चोट के निशान भी दिखाई दिए। वहीं, करीब 30 किलो की बकरी की मौत हो चुकी थी।
घायल अजगर के इलाज की व्यवस्था
रेस्क्यू के बाद WBRG टीम ने पूरे मामले की जानकारी डीएफओ विकास उज्ज्वल को दी। इसके बाद घायल अजगर के उपचार की व्यवस्था की गई। टीम के मुताबिक, अजगर के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे वन्यजीव अभयारण्य में छोड़े जाने की योजना है।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में वन्यजीवों की मौजूदगी और मानव-वन्यजीव संघर्ष के मुद्दे को सामने ला दिया है। हालांकि, समय रहते रेस्क्यू टीम की मदद से अजगर को सुरक्षित निकाल लिया गया और उसके उपचार की व्यवस्था की गई।

