रांची:– झामुमो केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग और जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने गुजरात से जुड़ी कुछ राजनीतिक पार्टियों को मिले कथित भारी चंदे का मुद्दा उठाते हुए इसकी जांच की मांग की।
विनोद पांडेय ने कहा कि देश में करीब 2800 राजनीतिक पार्टियां हैं, लेकिन इनमें केवल कुछ ही राष्ट्रीय पार्टियां हैं, जबकि बड़ी संख्या में पार्टियां क्षेत्रीय या अन्य श्रेणियों में आती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात में कुछ ऐसी पार्टियां हैं, जिनकी कोई खास राजनीतिक गतिविधि या चुनावी भागीदारी नजर नहीं आती, इसके बावजूद उन्हें करोड़ों रुपये का चंदा मिल रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी पार्टियों को इतनी बड़ी रकम कहां से मिल रही है और चुनाव आयोग, आयकर विभाग और ईडी इस मामले में क्या कार्रवाई कर रहे हैं। विनोद पांडेय ने आशंका जताई कि हजारों करोड़ रुपये के चंदे के पीछे कहीं मनी लॉन्ड्रिंग का मामला तो नहीं है।
झामुमो नेता ने चंदा देने वाले लोगों और संस्थाओं की भी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि राजनीतिक दलों को मिलने वाले इन बड़े चंदों का स्रोत क्या है और इसमें किसी तरह की अनियमितता हुई है या नहीं।

