जमशेदपुर: कोवाली थाना क्षेत्र में हुए सिकंदर हत्याकांड का पुलिस ने सात दिनों के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ग्रामीण एसपी शुभम खंडेवाल के अनुसार, प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे प्रेम संबंध से जुड़ा विवाद सामने आया है।
पुलिस के मुताबिक, 1 सितंबर को झारखंड-ओडिशा सीमा से सटे बानाकाटा जंगल से सिकंदर का शव बरामद किया गया था। इसके बाद मृतक के भाई जितेंद्र शर्मा के बयान पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी और कोवाली थाना पुलिस की टीमों को जांच में लगाया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने मिंटू साव, सुंदर दास, आकाश दास और परशुराम दास को गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि मिंटू साव ने सिकंदर की हत्या के लिए सुंदर दास को 1.80 लाख रुपये की सुपारी दी थी, जिसमें 50 हजार रुपये अग्रिम दिए गए थे। इसके बाद सुंदर ने दो अन्य आरोपियों को भी इस साजिश में शामिल कर लिया।
पुलिस के अनुसार, 31 अगस्त की रात सिकंदर को बहाने से जंगल ले जाया गया, जहां स्टील पाइप से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को जंगल में छोड़ दिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक सफेद कार, दो स्टील पाइप, 20 हजार रुपये नकद और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि हत्या की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
ग्रामीण एसपी ने बताया कि मामले के उद्भेदन के लिए डीएसपी और कोवाली थाना पुलिस पिछले कई दिनों से लगातार काम कर रही थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद सात दिनों के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया गया।

