पटना:- तिब्बत में ग्लेशियर झील फटने की घटना ने उत्तर बिहार में बाढ़ के खतरे को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बड़ी मात्रा में पानी अचानक नीचे की ओर आने पर नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, हिमालयी क्षेत्र से निकलने वाली नदियों का नेटवर्क बिहार की प्रमुख नदियों से जुड़ा है। ऐसे में अत्यधिक जलप्रवाह की स्थिति में गंडक, कोसी और अन्य नदियों के जलस्तर पर असर पड़ सकता है।
अगर करीब 30 लाख क्यूसेक पानी जैसा अत्यधिक जलप्रवाह निचले इलाकों की ओर पहुंचता है, तो उत्तर बिहार के नदी किनारे बसे क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा गंभीर हो सकता है। हालांकि वास्तविक असर पानी की मात्रा, रास्ते, मौसम और नदी की मौजूदा स्थिति पर निर्भर करेगा।
बाढ़ की आशंका के बीच प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए नदी जलस्तर पर नजर रखना और समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।


