अशोकधाम मंदिर में अफवाह ने मचाई दहशत, भगदड़ में 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत; कई घायल
लखीसराय: सावन की तीसरी सोमवारी पर लखीसराय के प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच बड़ा हादसा हो गया। सोमवार सुबह अचानक मची भगदड़ में 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लखीसराय से राजेश कुमार की रिपोर्ट
घटना श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर अशोक धाम के पास स्थित अशोकधाम हॉल्ट के आसपास हुई। बताया जा रहा है कि सुबह के वक्त हॉल्ट पर दोनों तरफ से ट्रेन पहुंची। ट्रेन को देखकर कुछ युवकों के बीच अचानक भाग-दौड़ शुरू हो गई। इसी दौरान एक बिजली का पोल गिर गया।
पोल गिरने के बाद मौके पर करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई। देखते ही देखते श्रद्धालुओं के बीच डर का माहौल बन गया और भीड़ इधर-उधर भागने लगी। इसी अफरा-तफरी में कई लोग एक-दूसरे के नीचे दब गए।
करंट से नहीं हुई मौत, प्रशासन ने साफ की तस्वीर
हादसे के शुरुआती दौर में 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार से करंट लगने की बात सामने आई थी। हालांकि, जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार और एडीएम नीरज कुमार ने इस दावे को खारिज किया है।
प्रशासन के मुताबिक, उस समय बिजली की आपूर्ति बंद थी और तार भी कवर किया हुआ था। हादसे की मुख्य वजह करंट नहीं बल्कि अफवाह के बाद मची भगदड़ थी। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
मौके पर पहुंचा प्रशासन, राहत-बचाव जारी
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें अशोकधाम पहुंच गईं। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया और अस्पताल भेजा गया। मौके पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
हादसे के बाद मंदिर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है और यह पता लगाया जा रहा है कि भीड़ के बीच अफवाह किस तरह फैली।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख
घटना पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मृत श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के बेहतर एवं जल्द इलाज के लिए अधिकारियों को निर्देश देने की बात कही।
तीसरी सोमवारी पर उमड़ा था श्रद्धालुओं का सैलाब
सावन की तीसरी सोमवारी होने के कारण अशोकधाम मंदिर में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचे थे। अशोकधाम में सावन के अलावा महाशिवरात्रि और प्रत्येक सोमवार को भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं।
ऐसे में भारी भीड़ के बीच अचानक फैली अफवाह ने स्थिति को बेकाबू कर दिया और देखते ही देखते धार्मिक स्थल के आसपास मातम पसर गया।


