सिंहेश्वरनाथ मंदिर में सावन की अंतिम सोमवारी पर उमड़ी भीड़, धक्का-मुक्की के बाद मची भगदड़
मधेपुरा:- सावन की अंतिम सोमवारी के मौके पर मधेपुरा के प्रसिद्ध बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे थे। इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ने से अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। घटना में कई श्रद्धालुओं के घायल होने की सूचना है।
जलाभिषेक के लिए लगी थी लंबी कतार
अंतिम सोमवारी होने के कारण सिंहेश्वरनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ था। बिहार के अलग-अलग इलाकों से लोग बाबा का जलाभिषेक करने पहुंचे थे। मंदिर परिसर में लगातार बढ़ती भीड़ के बीच श्रद्धालु कतार में अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ गया और लोगों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। अचानक अफरा-तफरी मचने से श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई। कई लोग गिर पड़े, जिसके बाद वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति संभालने की कोशिश शुरू की।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए। सुरक्षा बलों ने श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया और भीड़ को नियंत्रित किया। स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए लोगों को जल्दबाजी नहीं करने और कतार में बने रहने की अपील की गई।
धक्का-मुक्की में घायल श्रद्धालुओं को तत्काल भीड़ से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई। प्रशासन की तत्परता से कुछ ही समय में स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
सावन की अंतिम सोमवारी पर मंदिर में उमड़ी भारी भीड़ के बीच हुई इस घटना ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। साथ ही मंदिर और आसपास के इलाकों में आने-जाने वाले लोगों पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
फिलहाल मंदिर परिसर में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और श्रद्धालु निर्धारित व्यवस्था के तहत पूजा-अर्चना और जलाभिषेक कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें, धक्का-मुक्की से बचें और सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।


