जमशेदपुर:- कभी अपनी हरियाली और साफ-सुथरे वातावरण के लिए पहचाना जाने वाला ‘ग्रीन सिटी’ जमशेदपुर अब बढ़ते वायु प्रदूषण की चपेट में आता दिख रहा है। शहर की हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 197 तक पहुंच गया है। यह स्तर लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
AQI में बढ़ोतरी के पीछे औद्योगिक गतिविधियां, वाहनों से निकलने वाला धुआं, सड़कों पर उड़ने वाली धूल और मौसम की परिस्थितियां प्रमुख कारण हो सकते हैं। खासकर सुबह और शाम के समय हवा में प्रदूषक कणों की मात्रा बढ़ने से सांस संबंधी परेशानियों का खतरा बढ़ सकता है।
प्रदूषित हवा का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस या हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों पर पड़ने की आशंका रहती है। ऐसे लोगों को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक बाहर रहने से बचने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है।
शहर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर लोगों की चिंता भी बढ़ने लगी है। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों की जांच, सड़क की धूल और कचरा जलाने जैसी गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी जरूरी है।
जमशेदपुर की ‘ग्रीन सिटी’ वाली पहचान पर अब प्रदूषण का साया गहराता दिख रहा है। सवाल यह है कि आखिर हवा को फिर से साफ बनाने के लिए प्रशासन और आम लोग कितनी जल्दी प्रभावी कदम उठाते हैं।


