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कृषि निदेशालय घेराव में CPI-AITUC का हंगामा, भ्रष्टाचार के आरोपों की SIT जांच की मांग

रांची, 27 अगस्त 2026:- कृषि निदेशालय में कथित भ्रष्टाचार और किसानों को अमानक कृषि सामग्री वितरित किए जाने के विरोध में गुरुवार को CPI रांची जिला, AITUC और झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने संयुक्त रूप से कृषि निदेशालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सैकड़ों किसानों और महिलाओं ने हिस्सा लिया।

घेराव से पहले CMPDI परिसर से विशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस का नेतृत्व CPI रांची जिला सचिव अजय कुमार सिंह, AITUC नेता अशोक यादव, पुष्कर महतो और किसान नेता तारा सिंह मुंडा ने संयुक्त रूप से किया। प्रदर्शनकारी कृषि निदेशालय में कथित अनियमितताओं के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कृषि भवन प्रांगण पहुंचे, जहां जुलूस सभा में तब्दील हो गया।

सभा को संबोधित करते हुए CPI रांची जिला सचिव अजय कुमार सिंह ने कृषि निदेशालय में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों को अमानक सामग्री का वितरण किया गया है। उनका सवाल था कि CIPET की जांच में जिन कंपनियों की सामग्री अमानक पाई गई, उन्हें दोबारा कार्यादेश क्यों दिया जा रहा है।

अजय सिंह ने आरोप लगाया कि भारत ड्रिप इरिगेशन एंड एग्रो कंपनी को काली सूची में दर्ज किए जाने के बावजूद उसे बड़ी संख्या में कार्यादेश दिए जा रहे हैं और भुगतान भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हजारीबाग के उपायुक्त की ओर से इस कंपनी के खिलाफ केस दर्ज करने की अनुशंसा की गई थी। इसके बावजूद कंपनी को लगातार काम और भुगतान मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रक्रिया और आदेश की शर्तों का पालन किए बिना 14 काली सूची में दर्ज कंपनियों को मुक्त कर दिया गया। CPI नेता ने मांग की कि जब तक CIPET की नई जांच रिपोर्ट नहीं आती, तब तक संबंधित कंपनियों के भुगतान पर रोक लगाई जाए और पूरे मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) से कराई जाए।

प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कृषि निदेशालय में कथित भ्रष्टाचार पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। AITUC नेता अशोक यादव और पुष्कर महतो ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर मामले की जांच शुरू नहीं की गई, तो कृषि निदेशालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने किसानों के हित में पारदर्शी जांच कराने, दोषी कंपनियों और अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा अमानक सामग्री की आपूर्ति पर रोक लगाने की मांग की।

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