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छात्र आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई: बिहार सरकार ने बताई AK-47 फायरिंग की बात, दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और कथित तौर पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग को लेकर बिहार और दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा है। बिहार सरकार ने अपने हलफनामे में स्वीकार किया है कि प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी ने AK-47 से हवा में चार राउंड फायर किए थे। हालांकि, सरकार का कहना है कि इन गोलियों से किसी को चोट नहीं लगी।

सिवान में AK-47 से फायरिंग का मामला

बिहार सरकार के मुताबिक, सिवान के जेपी चौक के पास प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी भीड़ के बीच फंस गया था। अपनी सुरक्षा के लिए उसने AK-47 से हवा में चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद पुलिसकर्मी को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई।

वहीं, हाथी चौक पर भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान एक ASI ने अपनी पिस्टल से दो राउंड फायर किए। इसमें तीन प्रदर्शनकारियों को मामूली चोटें आईं। सरकार ने स्पष्ट किया कि ये चोटें AK-47 की गोली से नहीं लगी थीं। AK-47 फायरिंग की घटना की बैलिस्टिक जांच भी जारी है।

69 FIR दर्ज, करीब 500 गिरफ्तार

बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर हिंसा हुई और पुलिसकर्मियों तथा सरकारी अधिकारियों पर हमले किए गए। सरकार के अनुसार, छपरा में दो BDO, तीन इंस्पेक्टर, दो सब-इंस्पेक्टर और 11 कांस्टेबल घायल हुए।

राज्य सरकार ने कुल 157 पुलिसकर्मियों और सात सरकारी कर्मचारियों के घायल होने की जानकारी दी है। 22 से 25 जुलाई के बीच प्रदर्शन से जुड़े मामलों में 69 FIR दर्ज की गईं और करीब 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले 222 छात्र प्रदर्शनकारियों को जमानत पर रिहा किया गया। इसके अलावा जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के आदेश पर 75 नाबालिगों को भी छोड़ा गया।

दिल्ली पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग से किया इनकार

दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में कहा कि प्रदर्शनकारियों को संसद मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने कई बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति हिंसक हो गई।

पुलिस के अनुसार, करीब तीन किलोमीटर के इलाके में 30 हजार से अधिक लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगभग 5,000 जवान तैनात थे। दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि झड़प और अफरातफरी के दौरान 240 से अधिक पुलिसकर्मी तथा करीब 200 प्रदर्शनकारी या आम लोग घायल हुए।

पुलिस ने कहा कि इस परिस्थिति को देखते हुए उस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप सही नहीं है। उसके मुताबिक भीड़ में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले और असामाजिक तत्व भी मौजूद थे।

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