बारिश में Wi-Fi और इंटरनेट हो जाए स्लो तो न हों परेशान, एक्सपर्ट के ये 12 उपाय आएंगे काम
बारिश का मौसम आते ही इंटरनेट और Wi-Fi कनेक्शन से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। कभी इंटरनेट की स्पीड कम हो जाती है, तो कभी वीडियो कॉल में आवाज और वीडियो अटकने लगते हैं। OTT प्लेटफॉर्म पर फिल्म या वेब सीरीज देखते समय बार-बार बफरिंग भी परेशान कर सकती है। इसका असर वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल पेमेंट जैसे जरूरी कामों पर पड़ता है।
भारी बारिश, ज्यादा नमी, बिजली के वोल्टेज में उतार-चढ़ाव, जलभराव और केबल डैमेज जैसी वजहों से इंटरनेट से जुड़े नेटवर्क और उपकरण प्रभावित हो सकते हैं। कई बार समस्या इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर की तरफ से होती है, जबकि कुछ मामलों में घर के अंदर राउटर की गलत पोजिशनिंग, वायरिंग या डिवाइस की तकनीकी खराबी भी इंटरनेट स्लो होने की वजह बनती है।
हालांकि, बारिश के दौरान कुछ सावधानियां अपनाकर Wi-Fi और इंटरनेट कनेक्शन को बेहतर रखा जा सकता है।
आज ‘जरूरत की खबर’ में जानेंगे बारिश के मौसम में इंटरनेट और Wi-Fi की दिक्कतें क्यों बढ़ती हैं और इन्हें कम करने के लिए क्या-क्या उपाय किए जा सकते हैं।
साथ ही जानेंगे—
- बारिश में Wi-Fi और मोबाइल इंटरनेट स्लो होने की वजह क्या है?
- फाइबर इंटरनेट पर मौसम का कितना असर पड़ता है?
- राउटर को बारिश और नमी से कैसे सुरक्षित रखें?
- इंटरनेट कनेक्शन बेहतर करने के लिए कौन-से आसान उपाय अपनाएं
सवाल- बारिश में इंटरनेट और Wi-Fi की स्पीड क्यों प्रभावित होती है?
जवाब- इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। इन्हें ऐसे समझिए—
- लगातार बारिश और नमी से नेटवर्क केबल और कनेक्शन पॉइंट प्रभावित हो सकते हैं।
- तेज बारिश, जलभराव या पेड़ गिरने से फाइबर और दूसरी इंटरनेट लाइनें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।
- बिजली के वोल्टेज में उतार-चढ़ाव से राउटर और नेटवर्क उपकरणों को नुकसान पहुंच सकता है।
- खराब मौसम के दौरान इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर में तकनीकी समस्या आ सकती है।
- घर में राउटर को गलत जगह रखने या खराब वायरिंग के कारण भी Wi-Fi की स्पीड कम हो सकती है।
सवाल- मानसून में इंटरनेट यूजर्स को सबसे ज्यादा किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है?
जवाब- बारिश के दौरान इंटरनेट की स्पीड कम होना सबसे आम समस्या है। इसके अलावा वीडियो कॉल का डिस्कनेक्ट होना, OTT पर बफरिंग, वेबसाइट खुलने में ज्यादा समय लगना और ऑनलाइन पेमेंट में परेशानी जैसी दिक्कतें भी सामने आ सकती हैं।
इंटरनेट से जुड़ी प्रमुख समस्याएं ग्राफिक में देखिए।
सवाल- क्या बारिश के कारण फाइबर इंटरनेट भी प्रभावित हो सकता है?
जवाब- हां। फाइबर इंटरनेट की केबल सामान्य तौर पर मौसम से ज्यादा प्रभावित नहीं होती, लेकिन उसके कनेक्शन पॉइंट, जॉइंट, पावर सप्लाई और नेटवर्क उपकरणों में पानी या नमी पहुंचने पर समस्या हो सकती है।
इसके अलावा सड़क पर जलभराव, खुदाई या पेड़ गिरने जैसी घटनाओं से फाइबर केबल टूट सकती है। ऐसी स्थिति में इंटरनेट पूरी तरह बंद भी हो सकता है।
सवाल- बारिश के दौरान मोबाइल डेटा की स्पीड क्यों कम हो जाती है?
जवाब- मोबाइल इंटरनेट पर भी मौसम और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर का असर पड़ सकता है।
- मोबाइल नेटवर्क रेडियो सिग्नल के जरिए काम करता है।
- बहुत तेज बारिश कुछ रेडियो लिंक को प्रभावित कर सकती है।
- मोबाइल टावर की बिजली सप्लाई में समस्या आने पर कनेक्टिविटी प्रभावित हो सकती है।
- टावर और मुख्य नेटवर्क के बीच बैकहॉल लिंक में खराबी आने पर इंटरनेट धीमा हो सकता है।
- एक ही समय में ज्यादा लोग मोबाइल डेटा इस्तेमाल करें तो नेटवर्क पर लोड बढ़ सकता है।
सवाल- क्या ज्यादा नमी से Wi-Fi राउटर खराब हो सकता है?
जवाब- लंबे समय तक ज्यादा नमी रहने पर राउटर के अंदर कंडेन्सेशन यानी पानी की छोटी बूंदें बनने का खतरा रहता है। इससे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स में जंग लगने या शॉर्ट सर्किट का जोखिम बढ़ सकता है।
इसलिए राउटर को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां नमी कम हो, पानी की छींटें न पड़ें और हवा का पर्याप्त वेंटिलेशन हो।
सवाल- बारिश में Wi-Fi स्लो हो जाए तो सबसे पहले क्या करें?
जवाब- सबसे पहले राउटर को बंद करके कुछ देर बाद दोबारा चालू करें। इसके बाद इंटरनेट स्पीड चेक करें। अगर समस्या सिर्फ एक डिवाइस में है तो उस डिवाइस का Wi-Fi दोबारा कनेक्ट करें।
अगर कई डिवाइस में इंटरनेट स्लो है और रीस्टार्ट करने के बाद भी समस्या बनी हुई है, तो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क करें।
इसके साथ ग्राफिक में बताए गए आसान उपाय अपनाकर भी Wi-Fi की स्पीड और कनेक्शन को बेहतर किया जा सकता

सवाल- क्या बारिश के कारण फाइबर इंटरनेट भी प्रभावित हो सकता है?
जवाब- हां। फाइबर इंटरनेट की केबल सामान्य तौर पर मौसम से ज्यादा प्रभावित नहीं होती, लेकिन उसके कनेक्शन पॉइंट, जॉइंट, पावर सप्लाई और नेटवर्क उपकरणों में पानी या नमी पहुंचने पर समस्या हो सकती है।
इसके अलावा सड़क पर जलभराव, खुदाई या पेड़ गिरने जैसी घटनाओं से फाइबर केबल टूट सकती है। ऐसी स्थिति में इंटरनेट पूरी तरह बंद भी हो सकता है।
सवाल- बारिश के दौरान मोबाइल डेटा की स्पीड क्यों कम हो जाती है?
जवाब- मोबाइल इंटरनेट पर भी मौसम और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर का असर पड़ सकता है।
- मोबाइल नेटवर्क रेडियो सिग्नल के जरिए काम करता है।
- बहुत तेज बारिश कुछ रेडियो लिंक को प्रभावित कर सकती है।
- मोबाइल टावर की बिजली सप्लाई में समस्या आने पर कनेक्टिविटी प्रभावित हो सकती है।
- टावर और मुख्य नेटवर्क के बीच बैकहॉल लिंक में खराबी आने पर इंटरनेट धीमा हो सकता है।
- एक ही समय में ज्यादा लोग मोबाइल डेटा इस्तेमाल करें तो नेटवर्क पर लोड बढ़ सकता है।
सवाल- क्या ज्यादा नमी से Wi-Fi राउटर खराब हो सकता है?
जवाब- लंबे समय तक ज्यादा नमी रहने पर राउटर के अंदर कंडेन्सेशन यानी पानी की छोटी बूंदें बनने का खतरा रहता है। इससे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स में जंग लगने या शॉर्ट सर्किट का जोखिम बढ़ सकता है।
इसलिए राउटर को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां नमी कम हो, पानी की छींटें न पड़ें और हवा का पर्याप्त वेंटिलेशन हो।
सवाल- बारिश में Wi-Fi स्लो हो जाए तो सबसे पहले क्या करें?
जवाब- सबसे पहले राउटर को बंद करके कुछ देर बाद दोबारा चालू करें। इसके बाद इंटरनेट स्पीड चेक करें। अगर समस्या सिर्फ एक डिवाइस में है तो उस डिवाइस का Wi-Fi दोबारा कनेक्ट करें।
अगर कई डिवाइस में इंटरनेट स्लो है और रीस्टार्ट करने के बाद भी समस्या बनी हुई है, तो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क करें।
इसके साथ ग्राफिक में बताए गए आसान उपाय अपनाकर भी Wi-Fi की स्पीड और कनेक्शन को बेहतर किया जा सकता है।


