रांची:- झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की माध्यमिक आचार्य परीक्षा के परिणाम सामने आने के बाद सफल अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 377 सफल अभ्यर्थियों में 244 ने निजी विश्वविद्यालयों से पढ़ाई की है, जबकि कई अभ्यर्थियों ने स्नातक के 5 से 8 साल बाद पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) किया है।
मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि वर्ष 2025 में माध्यमिक आचार्य पद के लिए पहली बार 23 विषयों में स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति का विज्ञापन जारी किया गया था। ऐसे में कुछ अभ्यर्थियों द्वारा स्नातक के कई वर्षों बाद PG करने की समय-सीमा अब जांच का विषय बन गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सफल अभ्यर्थियों में करीब 100 ऐसे हैं, जिन्होंने स्नातक के लगभग 5 से 8 वर्ष बाद PG की पढ़ाई पूरी की। वहीं निजी विश्वविद्यालयों से सफल अभ्यर्थियों की संख्या समाजशास्त्र और राजनीति शास्त्र जैसे विषयों में अधिक बतायी गयी है।
खोरठा विषय को लेकर भी सवाल उठे हैं। इस विषय में सफल 9 अभ्यर्थियों का संबंध एक ही निजी विश्वविद्यालय से बताया गया है। इनमें शीर्ष सात सफल अभ्यर्थियों ने भी उसी विश्वविद्यालय से PG किया है।
अब अभ्यर्थियों की नामांकन तिथि, परीक्षा में उपस्थिति, सेमेस्टर रिकॉर्ड, अंकपत्र, डिग्री जारी होने की तारीख और संबंधित विश्वविद्यालय की मान्यता जैसे बिंदुओं की जांच की मांग उठ रही है।
JSSC माध्यमिक आचार्य परिणाम 2026 जून में जारी किया गया था।


