रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े बड़गाईं की करीब 8.86 एकड़ जमीन से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रांची की विशेष PMLA अदालत ने चार्ज फ्रेमिंग की कार्रवाई रोकने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। बचाव पक्ष की ओर से मामले में आगे की जांच लंबित होने का हवाला देते हुए कार्रवाई टालने की मांग की गई थी।
अदालत ने माना कि आगे की जांच जारी रहने मात्र से पहले से चल रही न्यायिक प्रक्रिया को रोकना जरूरी नहीं है। ईडी ने भी चार्ज फ्रेमिंग टालने की मांग का विरोध किया था।
हालांकि, सोमवार को तकनीकी समस्या के कारण हेमंत सोरेन की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी नहीं हो सकी। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर 2026 को तय की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उस दिन चार्ज फ्रेमिंग के मुद्दे पर सुनवाई होगी और हेमंत सोरेन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने का निर्देश दिया गया है।
यह मामला रांची के बड़गाईं क्षेत्र की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले से संबंधित है। झारखंड हाई कोर्ट भी 18 सितंबर को मामले में आगे की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज कर चुका है।


