रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL और CDPO परीक्षा को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में परीक्षा और नियुक्तियों को रद्द करने से जुड़े चार अलग-अलग मामलों पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने संबंधित मामलों में राज्य सरकार और JPSC से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
सरकार के फैसले को याचिकाओं के जरिए दी गई चुनौती
राज्य सरकार की ओर से परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द किए जाने के खिलाफ अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई थीं। इनमें JSSC-CGL के साथ CDPO (बाल विकास परियोजना पदाधिकारी), FRO और FSO परीक्षाओं से जुड़े मामले भी शामिल हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अमृतांश वत्स और पीएएस पति ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा। याचिकाकर्ताओं ने सरकार के उस फैसले को चुनौती दी, जिसमें परीक्षाओं के विज्ञापन और उससे जुड़ी नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द किया गया था।
JPSC की परीक्षाओं को लेकर भी मांगा जवाब
सुनवाई के दौरान अदालत ने CDPO और JSSC की 11वीं से 13वीं परीक्षा को रद्द किए जाने के मामले में राज्य सरकार और JPSC से जवाब मांगा। वहीं, कुछ याचिकाओं में JPSC की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्तियों को रद्द करने के निर्णय को भी चुनौती दी गई है।
CID जांच के बाद सरकार ने लिया था फैसला
गौरतलब है कि CID जांच में सामने आए तथ्यों के बाद राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात कई परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था। इन मामलों में TDPL की भूमिका सामने आने की बात कही गई थी। सरकार ने वर्ष 2014 के बाद आयोजित नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित गड़बड़ियों की जांच कराने की भी घोषणा की थी।
22 परीक्षाएं रद्द, 6 की प्रक्रिया स्थगित
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक कुल 22 परीक्षाओं को रद्द किया गया है। इसके अलावा 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया को स्थगित किया गया, जबकि 17 परीक्षाओं को संभावित अनियमितताओं की जांच के दायरे में रखा गया है।
हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद अब JSSC-CGL और CDPO परीक्षा से जुड़े अभ्यर्थियों की नजर आगामी सुनवाई पर टिकी है। 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई में सरकार और JPSC की ओर से अपना जवाब दाखिल किया जाएगा।


