रांची:- झारखंड इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (जियाडा) ने राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। जियाडा की ओर से सड़क, नाली, कल्वर्ट, कार्यालय भवन और फ्लैटेड फैक्ट्री निर्माण से जुड़ी कुल 13 योजनाओं के लिए दूसरी बार निविदा जारी की गई है। इन परियोजनाओं पर करीब 57.28 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
जियाडा की ओर से 21 अगस्त को जारी निविदा के तहत रांची के कोकर, तुपुदाना और नामकुम के अलावा लोहरदगा, डाल्टनगंज और बलियाडीह औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जाएंगे। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क और ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर करना तथा जरूरी कार्यालय एवं औद्योगिक भवनों का निर्माण करना है।
तुपुदाना में 9.55 करोड़ की लागत से बनेगी फ्लैटेड फैक्ट्री
पहली निविदा में छह योजनाओं को शामिल किया गया है। इनमें तुपुदाना औद्योगिक क्षेत्र में 9.55 करोड़ रुपये की लागत से फ्लैटेड फैक्ट्री का निर्माण सबसे प्रमुख योजना है। इस परियोजना को पूरा करने के लिए 15 महीने की समय-सीमा तय की गई है।
वहीं, कोकर औद्योगिक क्षेत्र में आरसीसी ड्रेन, कवर स्लैब और सात कल्वर्ट का निर्माण कराया जाएगा। इस योजना पर करीब 3.78 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
लोहरदगा औद्योगिक क्षेत्र में मौजूदा सड़क पर पीसीसी सड़क, क्रॉस ड्रेन और ड्रेन निर्माण का काम होगा। इस पर करीब 3.89 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। डाल्टनगंज औद्योगिक क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के साथ पीसीसी सड़क, क्रॉस ड्रेन और ड्रेन निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए करीब 4.09 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कार्यालय भवनों के जीर्णोद्धार पर भी होगा खर्च
जियाडा के संथाल परगना क्षेत्रीय कार्यालय भवन की मरम्मत, चहारदीवारी और पार्किंग निर्माण के लिए करीब 1.19 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं नामकुम स्थित जियाडा के केंद्रीय कार्यालय के तीसरे तल के जीर्णोद्धार पर करीब 3.42 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
पहली निविदा में शामिल छह योजनाओं की कुल अनुमानित लागत करीब 25.92 करोड़ रुपये है।
बलियाडीह में 31.37 करोड़ से बनेंगी सात सड़कें
दूसरी निविदा में बलियाडीह औद्योगिक क्षेत्र की सात सड़क निर्माण योजनाएं शामिल हैं। यहां मौजूदा सड़कों पर पीसीसी सड़क का निर्माण कराया जाएगा। अलग-अलग चरणों में फेज-3 सी-1/1ए से फेज-4ए-3, फेज-4ए से फेज-4, फेज-3 ई-1 से फेज-4ए-1/1, एनएच से फेज-3 ई-1 और फेज-11डी से ए-115 हाउसिंग कॉलोनी समेत अन्य हिस्सों में सड़क निर्माण होगा।
इन सात योजनाओं पर कुल करीब 31.37 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रत्येक सड़क निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए छह महीने की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
सितंबर में खुलेगी तकनीकी बोली
पहली निविदा के दस्तावेज 25 अगस्त से 3 सितंबर तक शाम चार बजे तक डाउनलोड किए जा सकेंगे। ऑनलाइन बोली जमा करने की अंतिम तिथि 3 सितंबर शाम चार बजे निर्धारित है। तकनीकी बोली 7 सितंबर को खोली जाएगी।
वहीं दूसरी निविदा के दस्तावेज 24 अगस्त से 2 सितंबर तक डाउनलोड किए जा सकेंगे। ऑनलाइन बोली जमा करने की अंतिम तिथि 2 सितंबर शाम चार बजे है, जबकि तकनीकी बोली 3 सितंबर शाम पांच बजे खोली जाएगी।
दोनों निविदाओं में बोली की वैधता 180 दिन रखी गई है और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ेंगी सुविधाएं
जियाडा की इन 13 योजनाओं के पूरा होने के बाद औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मिलने से उद्योगों के संचालन में आसानी होगी और नए निवेश को भी बढ़ावा मिल सकता है।
क्या है फ्लैटेड फैक्ट्री?
फ्लैटेड फैक्ट्री एक ऐसी बहुमंजिला औद्योगिक इमारत होती है, जिसमें कई छोटी और मध्यम औद्योगिक इकाइयों को अलग-अलग स्थान उपलब्ध कराया जाता है। एक ही भवन में कई कारोबारी अपनी औद्योगिक गतिविधियां संचालित कर सकते हैं। यहां बिजली, पानी, पार्किंग, लिफ्ट, सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाएं साझा रूप से उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
छोटे उद्यमियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है फ्लैटेड फैक्ट्री?
फ्लैटेड फैक्ट्री का सबसे बड़ा फायदा छोटे और मध्यम उद्यमियों को होता है। जिन कारोबारियों के लिए अलग से जमीन खरीदकर फैक्ट्री लगाना मुश्किल होता है, उन्हें तैयार औद्योगिक स्थान मिल सकता है। इससे शुरुआती निवेश का बोझ कम हो सकता है और कम जगह में अधिक इकाइयों को काम करने का अवसर मिलता है।
तुपुदाना में प्रस्तावित 9.55 करोड़ रुपये की फ्लैटेड फैक्ट्री से स्थानीय स्तर पर छोटे एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।


