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बिहार में 2030 तक एयरपोर्ट नेटवर्क का विस्तार, 13 हवाई अड्डों से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

पटना: बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी चल रही है। राज्य सरकार ने 2030 तक करीब 13 एयरपोर्ट को ऑपरेशनल करने का लक्ष्य रखा है। योजना के तहत छोटे शहरों और सीमावर्ती इलाकों को भी हवाई नेटवर्क से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

पहले चरण में 6 जगहों पर काम

पहले चरण में वीरपुर, सहरसा, मुंगेर, वाल्मीकिनगर, मधुबनी और मुजफ्फरपुर को शामिल किया गया है। इन परियोजनाओं के विकास के लिए बिहार सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच जून 2025 में समझौता हुआ था।

नेपाल सीमा के पास वीरपुर एयरपोर्ट अहम

सुपौल के वीरपुर में मौजूदा करीब 1200 मीटर रनवे को बढ़ाकर लगभग 3000 मीटर करने की योजना है। यह एयरपोर्ट नेपाल सीमा से करीब पांच किलोमीटर दूर है, इसलिए इसकी रणनीतिक अहमियत भी बताई जा रही है। कुछ रिपोर्टों में जरूरत पड़ने पर यहां लड़ाकू विमानों के संचालन की सुविधा विकसित करने की बात कही गई है।

सहरसा और मुंगेर में भी बढ़ेगी सुविधा

सहरसा में एयरपोर्ट के विकास के साथ छोटे विमानों के संचालन की योजना है। वहीं मुंगेर के सफियाबाद के पास ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने का प्रस्ताव है, जिसके लिए बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण की तैयारी है।

वाल्मीकिनगर और मधुबनी भी जुड़ेंगे

पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर में हवाई सुविधा विकसित होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वहीं मधुबनी में एयरपोर्ट की जगह हेलीपोर्ट विकसित करने की योजना है। मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट को भी पहले चरण में शामिल किया गया है।

दूसरे चरण में गोपालगंज, किशनगंज और सोनपुर

पहले चरण के बाद गोपालगंज, किशनगंज और सोनपुर समेत अन्य क्षेत्रों में हवाई सुविधाओं के विस्तार की तैयारी है। सोनपुर में 4200 एकड़ में ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की योजना को मंजूरी मिल चुकी है और इसे 2030 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

यात्रियों के साथ कारोबार और पर्यटन को फायदा

अगर ये परियोजनाएं तय समय के अनुसार पूरी होती हैं, तो बिहार के कई छोटे शहर सीधे हवाई नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। इससे यात्रियों को बड़े शहरों तक पहुंचने में आसानी होगी, वहीं पर्यटन, कारोबार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि अलग-अलग परियोजनाओं की समयसीमा जमीन अधिग्रहण, जरूरी मंजूरियों और अन्य प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।

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