रांची:– JPSC-JSSC परीक्षा से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से काउंटर एफिडेविट दाखिल किया गया। मामले की अगली सुनवाई अब 7 अक्टूबर 2026 को होगी।
2700 अभ्यर्थियों को हटाने पर कोर्ट के सवाल
सुनवाई के दौरान अदालत ने करीब 2700 अभ्यर्थियों को बिना शो-कॉज नोटिस दिए बाहर किए जाने के मामले पर सवाल उठाए। कोर्ट ने सरकार से परीक्षा रद्द किए जाने के आधार को स्पष्ट करने को कहा। अदालत ने यह भी सवाल किया कि केवल किसी के आरोप या कहने भर से परीक्षा रद्द करने का निर्णय कैसे लिया जा सकता है।
हाईकोर्ट इससे पहले भी भर्ती प्रक्रिया में नियुक्त अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किए जाने की आवश्यकता पर जोर दे चुका है।
निर्दोष अभ्यर्थियों को नहीं होना चाहिए नुकसान
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि अभ्यर्थी वर्षों तक तैयारी करने के बाद नौकरी हासिल करते हैं। इसलिए ऐसे अभ्यर्थियों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए, जो अनियमितता में शामिल नहीं हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले की जांच पुलिस की ओर से की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई हो सकती है।
स्वतंत्र संस्था से जांच की मॉनिटरिंग का सुझाव
सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपक रोशन ने जांच की निगरानी किसी स्वतंत्र संस्था से कराने का सुझाव भी दिया। हालांकि, इसे उन्होंने अपना व्यक्तिगत मत बताया। अदालत ने मामले की मीडिया रिपोर्टिंग पर भी टिप्पणी की और कहा कि सभी अखबारों में सही तथ्य प्रकाशित नहीं हो रहे हैं।
कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले में किसी तीसरे व्यक्ति को अनावश्यक रूप से हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। अब सभी पक्षों के जवाब और जांच की स्थिति पर 7 अक्टूबर को हाईकोर्ट में आगे सुनवाई होगी।


