रांची। झारखंड में सड़क निर्माण और चौड़ीकरण की लंबित परियोजनाओं को गति देने के लिए पथ निर्माण विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने रांची समेत राज्य की विभिन्न सड़क योजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने का निर्देश दिया है।
प्रधान सचिव ने स्पष्ट कहा कि भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण, वनभूमि अपयोजन और यूटिलिटी शिफ्टिंग के कारण सड़क परियोजनाओं का काम प्रभावित नहीं होना चाहिए। इन बाधाओं को जिला प्रशासन और जिला भू-अर्जन कार्यालय के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर दूर किया जाए। उन्होंने लंबित मुआवजा वितरण की कार्रवाई निश्चित समयावधि में पूरी करने और कुछ योजनाओं की पुनरीक्षित तकनीकी स्वीकृति जल्द प्राप्त करने का भी निर्देश दिया।
भूमि अधिग्रहण और यूटिलिटी शिफ्टिंग बनी बड़ी बाधा
पथ निर्माण विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान सामने आया कि रांची जिले में कई सड़क परियोजनाएं भूमि अधिग्रहण, यूटिलिटी शिफ्टिंग और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी के कारण अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
इस पर प्रधान सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं का समाधान करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं में भूमि उपलब्ध है, वहां कार्य के अलग-अलग खंड निर्धारित कर चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
रांची की इन प्रमुख सड़क परियोजनाओं की हुई समीक्षा
समीक्षा बैठक में रांची की कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और प्रगति पर चर्चा की गई। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- खेलगांव से नामकुम आरओबी तक फोरलेन एवं टूलेन सड़क निर्माण।
- दुर्गा सोरेन चौक, नामकुम से रामपुर रिंग रोड तक फोरलेन सड़क।
- हॉलिडे होम कांके से भीठा-एदलहातु होते हुए बोड़ेया-चिरौंदी तक सड़क।
- नामकुम आरओबी-अनगड़ा सेक्शन में रांची-पुरुलिया रोड के 17.70 किलोमीटर हिस्से का सुदृढ़ीकरण।
इसके अलावा भू-अर्जन से संबंधित कई अन्य परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। इनमें एनएच-23 पर कोदोजोरा मोड़ से लोहरदगा मेन रोड वाया घाघरा-पांडेपारा, बरियातू-लेम-बड़गाईं-बोड़ेया, पंडरा से कांके, डीएवी पुंदाग से डीएवी हेहल, बिरसा मुंडा एयरपोर्ट (हुंडरू)-हेथू, चंदाघासी-कोचांग रिंग रोड और बहुबाजार से पटेल चौक कनेक्टिंग फ्लाईओवर शामिल हैं।
मुआवजा जारी होने पर तुरंत शुरू करें निर्माण कार्य
प्रधान सचिव सुनील कुमार ने निर्देश दिया कि जिन सड़क परियोजनाओं में मुआवजे की राशि जारी की जा चुकी है, वहां बिना अनावश्यक देरी के निर्माण कार्य शुरू किया जाए। लंबित मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को भी निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कुछ योजनाओं की पुनरीक्षित तकनीकी स्वीकृति से जुड़ी कार्रवाई जल्द पूरी करने का निर्देश भी दिया, ताकि निर्माण कार्यों में प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनें दूर हो सकें।
सभी जिलों के DC को नियमित समीक्षा का निर्देश
प्रधान सचिव ने राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिखकर पथ निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठक करने का अनुरोध किया है।
उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और पुनर्निर्माण की कई स्वीकृत परियोजनाएं भूमि अधिग्रहण और वनभूमि अपयोजन की प्रक्रिया में देरी के कारण प्रभावित हो रही हैं। इससे न केवल निर्माण कार्यों की गति धीमी होती है, बल्कि परियोजनाओं की लागत में भी वृद्धि होती है।
इसलिए सभी संबंधित प्रक्रियाओं को निश्चित समयसीमा में पूरा करना जरूरी है।
त्योहारों को देखते हुए सड़कों को सुरक्षित बनाने का निर्देश
प्रधान सचिव ने आगामी त्योहारों को देखते हुए विभाग के अंतर्गत आने वाली सड़कों और संपर्क पथों को सुरक्षित एवं यातायात योग्य बनाने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं होनी चाहिए और सड़कों की आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव समय पर कराया जाए।
विभाग का जोर अब लंबित परियोजनाओं की बाधाएं दूर कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने और आम लोगों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराने पर है।

