रांची: दीपावली, काली पूजा और छठ पूजा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए रांची जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार, 28 अक्टूबर को जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में संबंधित विभागों, पूजा समितियों, छठ पूजा समितियों, जतरा समितियों और शांति समिति के सदस्यों के साथ संयुक्त बैठक हुई। बैठक में पर्व-त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और छठ घाटों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय पर तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्व-त्योहारों के दौरान आम नागरिकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
छठ घाटों पर साफ-सफाई, रोशनी और बैरिकेडिंग पर जोर
बैठक में छठ पूजा समितियों के सदस्यों ने विभिन्न घाटों पर साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से संबंधित सुझाव प्रशासन के सामने रखे। घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों की स्थिति, स्वच्छता, भीड़ नियंत्रण और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी चर्चा की गई।
जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को घाटों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए आपसी समन्वय बनाए रखने को कहा। छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए घाटों पर जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और सुरक्षा प्रबंधों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
14 से 16 नवंबर तक छठ घाटों में तैराकी से बचने की अपील
छठ पूजा के दौरान जलाशयों और घाटों पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रांची जिला प्रशासन ने आम लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने 14, 15 और 16 नवंबर को छठ घाटों में तैराकी से परहेज करने का अनुरोध किया है।
श्रद्धालुओं से अपनी और अपने परिवार के सदस्यों की सुरक्षा का ध्यान रखने तथा घाटों पर निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
पूजा समितियों के साथ बेहतर समन्वय पर जोर
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि दीपावली, काली पूजा और छठ पूजा जैसे महत्वपूर्ण पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना के लिए घरों से बाहर निकलते हैं। ऐसे में सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि पर्वों का सफल आयोजन प्रशासन, पूजा समितियों, स्थानीय नागरिकों और स्वयंसेवकों के सामूहिक प्रयास से ही संभव है। विशेष रूप से छठ पूजा के दौरान समितियों को जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने की जरूरत है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जतरा के आयोजन को लेकर भी दिए गए निर्देश
बैठक में जतरा के सुरक्षित और व्यवस्थित आयोजन पर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी, सदर और अपर जिला दंडाधिकारी, विधि-व्यवस्था को जतरा समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर आवश्यक तैयारियों की समीक्षा करने का निर्देश दिया।
आयोजन के दौरान विधि-व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य जरूरी प्रबंधों को लेकर संबंधित समिति के साथ समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
दुर्गापूजा के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था की सराहना
बैठक में पूजा समिति के सदस्यों ने दुर्गापूजा के दौरान जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से किए गए सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और विधि-व्यवस्था संबंधी प्रयासों की सराहना की। सदस्यों ने आगामी पर्व-त्योहारों के दौरान भी इसी तरह समन्वय और सहयोग बनाए रखने पर जोर दिया।
बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
इस बैठक में पुलिस अधीक्षक, नगर पारस राणा, पुलिस अधीक्षक, यातायात राकेश सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी, सदर कुमार रजत, रांची नगर निगम के अपर प्रशासक संजय कुमार, अपर जिला दंडाधिकारी, विधि-व्यवस्था धनंजय, प्रशिक्षु आईएएस आस्था शरण, उपसमाहर्ता नजारत सुदेश कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उर्वशी पांडेय सहित विभिन्न पूजा समितियों के सदस्य और संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
जिला प्रशासन का उद्देश्य दीपावली, काली पूजा और छठ पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न कराना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों और समितियों को समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है।

