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त्योहारी सीजन में बाजारों में वाहनों की आवाजाही नहीं रोकें, वित्त मंत्री ने दिया निर्देश; वाणिज्यकर सर्किलों में रिक्त पदों पर जल्द निर्णय का आश्वासन

**रांची: ** त्योहारी सीजन में बाजार क्षेत्रों में मालवाहक वाहनों को रोककर परमिट और ई-वे बिल की जांच किए जाने से व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहे असर का मुद्दा झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने उठाया है। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने 10 अक्टूबर 2026 को राज्य के वित्त एवं वाणिज्यकर मंत्री राधाकृष्ण किशोर से मुलाकात कर इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। चैंबर ने त्योहारी अवधि में बाजारों में वाहनों को रोकने और परमिट संबंधी तकनीकी कमियों के आधार पर जब्ती जैसी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए विभागीय निर्देश जारी करने का आग्रह किया।

बाजारों में वाहनों की आवाजाही बाधित नहीं करने का निर्देश

चैंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल ने मंत्री को बताया कि त्योहारी सीजन में बाजार क्षेत्रों में मालवाहक वाहनों की आवाजाही बाधित होने से दुकानों तक सामान की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। इससे व्यापारिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

चैंबर के आग्रह पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वाणिज्यकर विभाग के सचिव को निर्देश दिया कि शहर के अंदर वाहनों की आवाजाही बाधित नहीं होनी चाहिए, ताकि व्यापारिक गतिविधियां सुचारु रूप से चलती रहें।

हालांकि, मंत्री ने यह भी कहा कि कई व्यवसायियों द्वारा उचित इनवॉइस जारी नहीं किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने व्यापारियों से इस मामले में गंभीरता बरतने और नियमानुसार इनवॉइस जारी करने की अपील की।

वाणिज्यकर सर्किलों में अधिकारियों के पद खाली होने से परेशानी

बैठक के दौरान चैंबर प्रतिनिधिमंडल ने वाणिज्यकर विभाग के विभिन्न सर्किल कार्यालयों में संयुक्त आयुक्त के पद रिक्त रहने का मुद्दा भी उठाया। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि इन पदों पर नियमित अधिकारियों की अनुपलब्धता के कारण कई महत्वपूर्ण वैधानिक और प्रशासनिक कार्य लंबित हो रहे हैं। इससे कारोबारियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

पूर्व अध्यक्ष रंजीत गाड़ोदिया तथा सदस्य आदित्य शाह और ज्योति पोद्दार ने बताया कि विशेष रूप से झारखंड वैट के दायरे में आने वाले पेट्रोलियम उत्पादों, शराब और अन्य गैर-जीएसटी वस्तुओं का कारोबार करने वाले व्यवसायियों को परेशानी हो रही है।

इन कारोबारियों को नए जेवैट और सीएसटी पंजीकरण प्राप्त करने, मौजूदा पंजीकरण में संशोधन कराने, वस्तुओं को जोड़ने या हटाने, व्यावसायिक पते और नए गोदाम की जानकारी अपडेट कराने तथा आवश्यक वैधानिक फॉर्म प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

रिक्त पदों पर नियुक्ति और वरिष्ठ अधिकारियों को शक्ति देने की मांग

चैंबर महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि अधिकारियों के पद खाली रहने से पंजीकरण, संशोधन और आवश्यक फॉर्म जारी करने जैसी प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं। इसका असर न केवल व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ता है, बल्कि राज्य के राजस्व पर भी पड़ सकता है।

चैंबर ने मांग की कि रिक्त सर्किल कार्यालयों में जल्द से जल्द संयुक्त आयुक्तों की पदस्थापना की जाए। जब तक नियमित नियुक्ति नहीं होती, तब तक संबंधित सर्किल में कार्यरत वरिष्ठतम अधिकारी को आवश्यक प्रशासनिक शक्तियां अस्थायी रूप से देने पर विचार किया जाए। इससे लंबित मामलों का समय पर निष्पादन हो सकेगा और व्यापारियों को राहत मिलेगी।

छठ पूजा के बाद होगी संयुक्त बैठक

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने रिक्त पदों और प्रशासनिक समस्याओं से जुड़े मामले में जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आगामी छठ पूजा के बाद वाणिज्यकर विभाग के सचिव, विभागीय अधिकारियों और झारखंड चैंबर के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में विभाग से संबंधित समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

प्रतिनिधिमंडल में चैंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल, उपाध्यक्ष विकास विजयवर्गीय, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव अमित शर्मा, सह सचिव पूजा ढाढा, कोषाध्यक्ष नवजोत अलंग, पूर्व अध्यक्ष रंजीत गाड़ोदिया तथा सदस्य आदित्य शाह, ज्योति पोद्दार और कुमुद झा शामिल थे।

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