रांची: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के घेराव और प्रदर्शन के मामले में यूथ कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी शुरू हो गई है। 6 अक्टूबर को SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर यूथ कांग्रेस ने रांची के धुर्वा स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का घेराव किया था। प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई थी।
सरकारी काम में बाधा और संपत्ति को नुकसान का आरोप
निर्वाचन कार्यालय की ओर से जगन्नाथपुर थाना प्रभारी को दिए गए आवेदन में प्रदर्शनकारियों पर सरकारी काम में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार, बल प्रयोग और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से हथियार छीनने के प्रयास का भी उल्लेख किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन कार्यालय के बोर्ड और आसपास की दीवारों पर नारे लिखे और विरोध दर्ज कराया।
चार लोगों के नाम, करीब 150 अज्ञात का उल्लेख
शिकायत में चार लोगों को नामजद किए जाने की बात सामने आई है। इनमें कांग्रेस महानगर अध्यक्ष कुमार राजा, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, यूथ कांग्रेस की महासचिव शिल्पी वर्मा और यूथ कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता गौरव सिंह के नाम शामिल हैं। इसके अलावा करीब 150 अज्ञात लोगों का भी उल्लेख किया गया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने निर्वाचन कार्यालय के कामकाज को प्रभावित किया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।
BNS की धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग
निर्वाचन कार्यालय की ओर से पूरे मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की प्रासंगिक धाराओं और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। अब पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
गौरतलब है कि 6 अक्टूबर को यूथ कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रांची में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की थी।

