जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह की अध्यक्षता में कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश और झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाले ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।
जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह ने बताया कि 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के तहत लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में पूर्वी सिंहभूम जिले में 8 अक्टूबर को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ मार्च का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अभियान को लेकर जिले में इंडिया गठबंधन के घटक दलों के पदाधिकारियों और नेताओं के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से नियुक्त जिला प्रभारी के नेतृत्व में जल्द ही समन्वय बैठक आयोजित कर कार्यक्रम की रूपरेखा और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
कांग्रेस के अनुसार, प्रखंड स्तर पर इंडिया गठबंधन के घटक दलों की ओर से जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान लोगों को उनके मताधिकार, लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद जिला स्तर पर विशाल मार्च आयोजित होगा, जिसमें गठबंधन के नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे।
परविंदर सिंह ने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि मतदाता का वोट लोकतंत्र की महत्वपूर्ण ताकत है। उन्होंने मतदाता सूची में योग्य नागरिकों के नाम सुनिश्चित करने और अयोग्य नामों को हटाने की बात कही। साथ ही चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने की मांग की।
प्रेस वार्ता में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यों और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाई जा रही आपत्तियों का भी उल्लेख किया गया। परविंदर सिंह ने कहा कि पार्टी इन मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाएगी। उन्होंने आंदोलन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाने और निर्वाचन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग करने की बात कही।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने जिले की जनता, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि वोट केवल अधिकार नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी ताकत है।

