गोड्डा: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने गोड्डा स्थित अडानी पावर प्लांट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बिजली उत्पादन, निर्यात, स्थानीय रोजगार, सीएसआर गतिविधियों और केंद्र सरकार के MMDR एक्ट में संशोधन को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि गोड्डा पावर प्लांट से 1600 मेगावाट बिजली का निर्यात किया जा रहा है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को लाभ मिल रहा है।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि गोड्डा जैसे क्षेत्र से बिजली का निर्यात होना झारखंड के लिए गर्व की बात है। उनके अनुसार, प्लांट में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 75 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों और झारखंड के निवासियों को मिला है। इसके अलावा, क्षेत्र में कंपनी की ओर से विभिन्न कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) से जुड़ी गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं।
झारखंड को 25 प्रतिशत बिजली देने के मुद्दे पर रखी बात
झारखंड सरकार को अडानी पावर प्लांट से 25 प्रतिशत बिजली आपूर्ति के मुद्दे पर मरांडी ने कहा कि कंपनी पूरे देश को बिजली देने के लिए तैयार है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से 25 प्रतिशत बिजली की मांग नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि पतरातू (NTPC), टंडवा और कोडरमा जैसे बिजली संयंत्रों में उत्पादन बढ़ा है। साथ ही देश एक ही बिजली ग्रिड से जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार, वर्तमान में राज्य में बिजली की कोई कमी नहीं है।
हेमंत सोरेन से जुड़े मामले पर भी की टिप्पणी
पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े कानूनी मामलों पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि PMLA कोर्ट में सुनवाई चल रही है। उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में अदालत में उठाए गए सवालों का उचित जवाब दिया जाना चाहिए। इस मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय को करना है।
MMDR एक्ट संशोधन को लेकर झारखंड सरकार पर लगाए आरोप
MMDR एक्ट में संशोधन पर चर्चा करते हुए बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार पर कोयले और लौह अयस्क पर अतिरिक्त टैक्स लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कोयले पर प्रति टन 450 रुपये और लौह अयस्क पर प्रति टन 600 रुपये का अतिरिक्त टैक्स लगाया गया था। उनके मुताबिक, इससे 30 टन कोयले के ट्रक पर 13,500 रुपये और लौह अयस्क के ट्रक पर 18,000 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था।
उन्होंने कहा कि अतिरिक्त टैक्स के कारण झारखंड में कोयला और लोहा महंगा हो रहा था, जिससे स्थानीय उद्योगों और रोजगार पर असर पड़ने की आशंका थी। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने MMDR एक्ट में संशोधन कर राज्यों की ओर से इस तरह के अतिरिक्त टैक्स लगाने पर रोक लगाने का प्रावधान किया है, ताकि भारतीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बनी रहे।
अवैध कोयला परिवहन को लेकर भी उठाए सवाल
बाबूलाल मरांडी ने गैर-भाजपा शासित राज्यों में MMDR एक्ट को लेकर हो रहे विरोध के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु का जिक्र करते हुए कहा कि जब कानून पूरे देश के लिए है, तो इन राज्यों में इसका विरोध क्यों नहीं हो रहा है।
उन्होंने झारखंड के धनबाद और CCL तथा BCCL के क्षेत्रों में अवैध कोयला परिवहन को लेकर भी आरोप लगाए। उनका दावा है कि कानून के सख्ती से लागू होने से अवैध कारोबार पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि इसी वजह से झारखंड में इस कानून के खिलाफ विरोध किया जा रहा है।
गोड्डा पावर प्लांट के दौरे के दौरान बाबूलाल मरांडी ने बिजली निर्यात, स्थानीय रोजगार और खनन से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।


