रांची: रांची नगर निगम की कार्रवाई को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। एक ओर निगम एचईसी की जमीन पर हुए कथित अवैध कब्जों को बुलडोजर से हटाने की कार्रवाई कर रहा है, वहीं दूसरी ओर एचईसी क्षेत्र के सेक्टर-3 बाजार स्थित सामुदायिक भवन पर कब्जा करने का आरोप लग रहा है। यह सामुदायिक भवन वार्ड संख्या 40 में स्थित है, जहां नगर निगम अपना कार्यालय खोलने की तैयारी कर रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम ने बिना उनकी सहमति के सामुदायिक भवन का ताला तोड़ दिया और वहां रखे सामान को बाहर निकाल दिया। लोगों का कहना है कि इस भवन में वर्षों से सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। ऐसे में यहां निगम का कार्यालय खोलने का फैसला स्थानीय लोगों की सहमति के बिना लिया गया है।
सांसद निधि से 2007 में हुआ था भवन का निर्माण
स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2007 में सांसद निधि से सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया था। इससे पहले वहां केवल एक हॉल मौजूद था। स्थानीय लोगों ने अपने सहयोग और सांसद निधि की मदद से उस हॉल को विकसित कर सामुदायिक भवन का रूप दिया था। लोगों का कहना है कि इस भवन का इस्तेमाल लंबे समय से सामाजिक कार्यक्रमों के लिए किया जाता रहा है।
नगर निगम के फैसले का स्थानीय लोगों ने किया विरोध
सामुदायिक भवन में नगर निगम का कार्यालय खोलने की तैयारी के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों ने निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस भवन का इस्तेमाल वर्षों से सामाजिक कार्यों के लिए किया जा रहा है, वहां बिना सहमति कार्यालय खोलना उचित नहीं है। स्थानीय लोगों ने भवन को सामुदायिक गतिविधियों के लिए ही उपलब्ध रखने की मांग की है।
इस मामले ने रांची नगर निगम की कार्रवाई और एचईसी क्षेत्र में जमीन के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, सामुदायिक भवन पर कब्जे के आरोप और निगम के कार्यालय खोलने के फैसले पर नगर निगम का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।


