हजारीबाग:-जिले में अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान हजारीबाग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अंतरराज्यीय कोढ़ा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने झारखंड और बिहार के अलग-अलग इलाकों में 100 से अधिक आपराधिक वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से 27 ग्राम सोने के आभूषण, चार चोरी की मोटरसाइकिल, छह एंड्रॉइड मोबाइल फोन, छह फर्जी नंबर प्लेट और खुजली वाला पाउडर की 23 पुड़िया बरामद की गई हैं।
खुजली वाला पाउडर फेंककर बनाते थे लोगों को निशाना
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य राह चलते लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए खुजली पैदा करने वाले पाउडर का इस्तेमाल करते थे। पीड़ित के शरीर पर पाउडर पड़ने के बाद जब वह खुजली या परेशानी से अपना ध्यान भटकाता था, उसी दौरान गिरोह के सदस्य उसके पास मौजूद सोने के आभूषण और नकदी पर हाथ साफ कर फरार हो जाते थे।
बैंक से पैसे निकालकर लौटने वाले लोगों को भी गिरोह निशाना बनाता था।
हजारीबाग झील के पास पुलिस ने बिछाया जाल
पुलिस को 1 सितंबर को सूचना मिली थी कि कोढ़ा गिरोह के कुछ सदस्य हजारीबाग शहर में किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं। सूचना के आधार पर सदर एसडीपीओ रूपक कुमार के नेतृत्व में एंटी क्राइम चेकिंग टीम गठित की गई।
हजारीबाग झील के पास जांच के दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार संदिग्धों को पकड़ा गया। उनकी पहचान मिट्टु यादव, रितिक कुमार यादव, सन्नी कुमार यादव और अमन यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सभी बिहार के कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र स्थित नया टोला जुराबगंज के रहने वाले हैं।
चौपारण में गैरेज बन गया था चोरी की बाइक का ठिकाना
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस टीम ने चौपारण थाना क्षेत्र के मरेहेड़ी गांव में छापेमारी की। यहां से अरशद खान, अजहर खान और अफसर खान को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, चौपारण बस स्टैंड के पास स्थित एक गैरेज का इस्तेमाल चोरी की मोटरसाइकिलों को छिपाने और उनके रखरखाव के लिए किया जाता था। इसी कार्रवाई में सावन कुमार उर्फ पृथ्वी चंद यादव को भी गिरफ्तार किया गया।
फर्जी नंबर प्लेट से पुलिस को देते थे चकमा
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य चोरी की मोटरसाइकिलों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वारदात को अंजाम देते थे। घटना के बाद नंबर प्लेट बदल दी जाती थी, ताकि पुलिस के लिए वाहन की पहचान करना मुश्किल हो जाए।
पूछताछ में आरोपियों ने हजारीबाग के अलावा चतरा, गिरिडीह, रामगढ़ और रांची समेत कई इलाकों में वारदात करने की जानकारी दी है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और इसके नेटवर्क को संचालित करने वालों की तलाश में जुटी है।
इस पूरी कार्रवाई में सदर थाना, कोर्रा थाना, लोहसिंघना थाना, चौपारण थाना और कटकमदाग थाना की पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से भूमिका निभाई।


