रांची:- झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) में मीडिया कर्मियों की एंट्री पर रोक लगाए जाने के फैसले को लेकर पत्रकारों में नाराजगी बढ़ गई है। झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन (जेजेए) ने इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया है।
जेजेए के मुताबिक, पत्रकारों को मंत्रालय में प्रवेश से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। संगठन ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करते हुए आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
मामले को लेकर राजधानी रांची में पत्रकारों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी मंत्रालय के बाहर जुटे और फैसले के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने प्रशासन से मीडिया को पूर्व की तरह मंत्रालय में प्रवेश की अनुमति देने की मांग की।
जेजेए अध्यक्ष अभय कुमार लाम ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जनता तक सरकार की नीतियों एवं फैसलों की जानकारी पहुंचाना पत्रकारों का संवैधानिक दायित्व है। ऐसे में बिना पूर्व सूचना मीडिया की एंट्री पर रोक लगाना उचित नहीं है।
जेजेए संस्थापक शहनवाज हसन ने भी फैसले का विरोध करते हुए कहा कि पत्रकारों को मंत्रालय की गतिविधियों और सरकार के कामकाज की जानकारी हासिल करने का अधिकार है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पत्रकार संगठनों ने सरकार से प्रेस की स्वतंत्रता का सम्मान करने और मीडिया कर्मियों के लिए मंत्रालय में निर्बाध प्रवेश की व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।


