नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता सज्जन कुमार का 84 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया गया था, जहां उन्हें मृत अवस्था में पाया गया।
सज्जन कुमार लंबे समय से तिहाड़ जेल में बंद थे। 1984 के दंगों से जुड़े मामले में दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उन्होंने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन राहत नहीं मिली।
1984 दंगा मामले में दोषी ठहराए गए थे
सज्जन कुमार पर 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान दिल्ली के सरस्वती विहार इलाके में जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या से जुड़े मामले में दोष साबित हुआ था। इस मामले में उन्हें उम्रकैद की सजा दी गई थी।
हालांकि, जनवरी 2026 में दिल्ली की एक अदालत ने जनकपुरी और विकासपुरी में हिंसा से जुड़े एक अन्य मामले में उन्हें बरी कर दिया था। अदालत ने उस मामले में अभियोजन पक्ष द्वारा आरोप साबित नहीं कर पाने को आधार बनाया था।
तीन बार लोकसभा सांसद रहे सज्जन कुमार
सज्जन कुमार दिल्ली की बाहरी दिल्ली लोकसभा सीट से तीन बार सांसद रहे। उन्होंने 1980, 1991 और 2004 में लोकसभा चुनाव जीता था। 2018 में उम्रकैद की सजा के बाद उन्होंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
सज्जन कुमार के निधन की खबर सामने आने के बाद 1984 के दंगा मामलों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।


