पारी 462 रन पर खत्म होने के बाद बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम 284 रन पर ही सिमट गई। दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।
श्रीलंका की शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों ने बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। हालांकि, सोनल दिनुशा ने शानदार शतक लगाकर मोर्चा संभाला और श्रीलंकाई पारी को कुछ हद तक मजबूती दी। उनके अलावा निरोशन डिकवेला ने 80 रनों की अहम पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने की पूरी कोशिश की, लेकिन बाकी बल्लेबाज भारतीय स्पिनरों के सामने टिक नहीं सके।
सुथार की फिरकी में फंसी श्रीलंका
भारत की ओर से मानव सुथार सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 4 विकेट अपने नाम किए। रवींद्र जडेजा ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। वहीं मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव को एक-एक सफलता मिली।
भारतीय स्पिन जोड़ी ने श्रीलंका के मध्यक्रम और निचले क्रम को लगातार परेशान किया। नतीजा यह रहा कि 284 रन तक पहुंचते-पहुंचते मेजबान टीम के सभी बल्लेबाज पवेलियन लौट गए।
462 के जवाब में 284, भारत को बड़ी बढ़त
इससे पहले भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 462 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। तीसरे दिन भारत की पारी शुरू होते ही प्रसिद्ध कृष्णा दो रन बनाकर आउट हो गए और टीम इंडिया की पहली पारी समाप्त हो गई।
इसके बाद श्रीलंका की पारी शुरू हुई, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने मेजबान टीम ज्यादा देर नहीं टिक सकी। पहली पारी में 284 रन बनाने के कारण भारत को 178 रनों की मजबूत बढ़त हासिल हुई है।
चौथे दिन होगा असली खेल
तीन दिनों के खेल को देखें तो भारतीय टीम हर विभाग में श्रीलंका से आगे नजर आई है। अब चौथे दिन मुकाबला और रोमांचक होने की उम्मीद है। भारत की दूसरी पारी में बल्लेबाजों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी कि वे इस बढ़त को और मजबूत करें।
वहीं श्रीलंका के गेंदबाजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती भारतीय बल्लेबाजों को जल्दी आउट करने की होगी। अगर मेजबान टीम भारत को बड़ा स्कोर बनाने से नहीं रोक पाती है, तो गॉल टेस्ट में उसके लिए वापसी बेहद मुश्किल हो सकती है।
WTC के लिहाज से भी अहम मुकाबला
भारत और श्रीलंका के बीच यह दो मैचों की टेस्ट सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का हिस्सा है। ऐसे में इस मुकाबले का महत्व सिर्फ सीरीज तक सीमित नहीं है। दोनों टीमों के लिए हर जीत और हार WTC अंक तालिका में असर डाल सकती है।
फिलहाल तीन दिन के खेल के बाद भारत मजबूत स्थिति में है और श्रीलंका पर दबाव साफ नजर आ रहा है। अब सबकी नजरें चौथे दिन पर टिकी हैं, जहां भारतीय टीम अपनी बढ़त को निर्णायक स्थिति में पहुंचाने की कोशिश करेगी।


