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बदहाल व्यवस्था की तस्वीर: एंबुलेंस नहीं मिली तो खटिया पर मरीज को ले गए, रास्ते में मौत

सड़क के अभाव में मरीज की मौत, गांव के बाहर रुकी एंबुलेंस; खटिया पर घर ले जाते समय तोड़ा दम

रानीश्वर:- रांगालिया पंचायत के मसानपाड़ा गांव में सड़क की बदहाली ने एक बार फिर ग्रामीणों की मुश्किलें सामने ला दी हैं। रविवार को अस्पताल से लौट रहे बीमार सुनील किस्कू को लेकर पहुंची एंबुलेंस गांव के बाहर ही रुक गई। रास्ता कीचड़ से इतना खराब था कि वाहन आगे नहीं बढ़ सका। परिजन मरीज को खटिया पर टांगकर घर ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

गांव तक नहीं पहुंच सकी एंबुलेंस

ग्रामीणों के मुताबिक, सुनील किस्कू का अस्पताल में इलाज चल रहा था। इलाज के बाद परिजन उन्हें एंबुलेंस से घर लेकर लौट रहे थे। मुख्य सड़क तक एंबुलेंस पहुंच गई, लेकिन मसानपाड़ा जाने वाले कच्चे रास्ते की खराब स्थिति के कारण चालक को वाहन गांव के बाहर ही रोकना पड़ा।

इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने सुनील को खटिया पर लिटाया और पैदल घर की ओर ले जाने लगे। इसी दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में सड़क की समस्या को लेकर एक बार फिर नाराजगी सामने आई है।

चुनाव से पहले किया था वोट बहिष्कार

ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक पक्की सड़क बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। विधानसभा चुनाव से पहले भी ग्रामीणों ने सड़क की मांग को लेकर वोट बहिष्कार का निर्णय लिया था। इसके बाद ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता, बीडीओ, मुखिया समेत कई अधिकारी गांव पहुंचे थे और सड़क निर्माण का भरोसा दिलाया था।

सर्वे और डीपीआर के बाद भी काम शुरू नहीं

ग्रामीणों के अनुसार, अधिकारियों के आश्वासन के बाद सड़क निर्माण के लिए सर्वे कराया गया। इसके बाद डीपीआर तैयार कर विभाग को भेजे जाने की जानकारी भी दी गई, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य की स्वीकृति नहीं मिली है। नतीजा यह है कि गांव के लोगों को आज भी खराब कच्चे रास्ते से ही आवागमन करना पड़ रहा है।

बारिश में बढ़ जाती है परेशानी

मसानपाड़ा में मसानजोर डैम निर्माण के समय विस्थापित परिवारों को बसाया गया था। बरसात के मौसम में गांव की सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। रास्ते में कीचड़ और फिसलन के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को होती है। आपात स्थिति में मरीज को खटिया के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मसानपाड़ा तक जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि गांव तक एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहन पहुंच सकें और किसी अन्य मरीज को समय पर इलाज से वंचित न होना पड़े।

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