रांची, 19 अगस्त 2026। खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के खिलाफ झारखंड के छह वामदलों ने राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। बुधवार को माकपा राज्य कार्यालय में हुई संयुक्त बैठक में आंदोलन की रणनीति तय की गई।
सीपीआई, सीपीएम, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन, एसयूसीआई (सी), फारवर्ड ब्लॉक और आरएसपी ने निर्णय लिया कि 25 से 31 अगस्त तक राज्यभर में विधेयक की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। प्रखंडों, पंचायतों और नगर निकायों में संयुक्त रूप से प्रदर्शन और नुक्कड़ सभाएं आयोजित की जाएंगी।
राजधानी रांची में लोकभवन के समक्ष प्रदर्शन कर राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने का भी निर्णय लिया गया है। वामदलों ने कहा कि आंदोलन के अगले चरण में अन्य धर्मनिरपेक्ष पार्टियों और जनसंगठनों को साथ लेकर केंद्र सरकार के प्रतिष्ठानों का घेराव किया जाएगा। इसके बाद झारखंड बंद का भी ऐलान किया जा सकता है।
वामदलों ने आरोप लगाया कि संसद के दोनों सदनों में बिना पर्याप्त चर्चा के विधेयक पारित कराया गया है और इससे राज्यों के अधिकार प्रभावित होंगे। उनका दावा है कि विधेयक कानून बनने पर खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड को हर साल करीब 13 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। इससे सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कई योजनाओं के संचालन पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
बैठक की अध्यक्षता भाकपा (माले) के राज्य सचिव मनोज भक्त ने की। बैठक में भाकपा के राज्य सचिव महेंद्र पाठक, अशोक यादव, माकपा के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, प्रफुल्ल लिंडा, समीर दास, सुखनाथ लोहरा, अमल आजाद, बीना, भाकपा (माले) के शुभेंदु सेन, सुदामा खलको, एसयूसीआई (सी) के मिंटू पासवान और दिलीप कुमार समेत विभिन्न वामदलों के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
वामदलों की ओर से यह जानकारी प्रकाश विप्लव ने जारी की।


