रांची: झारखंड में मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट करने के लिए निर्वाचन विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि 1 से 12 नवंबर तक मतदान केंद्र क्षेत्रों में ‘होम-टू-रोल’ विजिट कर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे। साथ ही, किसी अपात्र या विदेशी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं होना चाहिए।
शनिवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने आगामी 4 नवंबर को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर आयोजित होने वाली बीएलओ एवं बीएलए-2 की पांचवीं बैठक और चुनाव पाठशाला की तैयारियों को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
दस्तावेज जमा नहीं करने वाले मतदाताओं के मामलों की होगी समीक्षा
बैठक में के. रवि कुमार ने निर्देश दिया कि 4 नवंबर को होने वाली बीएलओ और बीएलए-2 की बैठक में उन मतदाताओं की सूची पर विस्तार से चर्चा की जाए, जिन्हें दो बार नोटिस देने और घर-घर जाकर दस्तावेज जुटाने का प्रयास करने के बावजूद आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की नियमानुसार समीक्षा की जाए और पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बीएलओ से लिया जाएगा प्रमाण-पत्र
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि 1 से 12 नवंबर तक प्रत्येक मतदान केंद्र क्षेत्र में होम-टू-रोल विजिट कराई जाए। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूटे नहीं और मतदाता सूची में कोई अपात्र व्यक्ति शामिल न हो।
उन्होंने सभी बीएलओ से इस आशय का प्रमाण-पत्र लेने का भी निर्देश दिया कि उनके मतदान केंद्र क्षेत्र में ऐसा कोई पात्र भारतीय नागरिक शेष नहीं है, जिसका नाम मतदाता सूची में दर्ज किया जाना बाकी हो।
बैठक में राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार समेत सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) और उप निर्वाचन पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

